भवानी पेठ, 3 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
दीपावली शुरू होने में अब बस कुछ ही घंटे बाकी हैं. इसलिए घर-घर में त्योहार की जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. लोग नई-नई चीजों की खरीदारी कर रहे हैं, घरों की साफ-सफाई और सजावट का काम जारी है और जरूरी सामान लेने के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं. रविवार, 1 नवंबर को छुट्टी का दिन होने के कारण कई लोगों ने जमकर खरीदारी की. वहीं जिन लोगों को अपने गांव जाना था, उन्होंने भी अपनी खरीदारी पहले ही पूरी कर ली. अब सैलरी (वेतन) और बोनस मिलने के बाद नौकरीपेशा वर्ग भी बाजारों का रुखकर रहा है. व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में यह बिक्री और अधिक बढ़ेगी. दीपावली मनाने के लिए पूजा सामग्री, पकवान (फराल), और सजावटी सामान के साथ-साथ पहनने के लिए नए कपड़ों की भी खरीदारी हो रही है. इनमें सबसे पहले छोटे बच्चों और बच्चियों के कपड़े खरीदे जा रहे हैं. वहीं महिलाओं के बीच इस समय ट्रेंडिंग रंगों और नवीनतम डिजाइन की साड़ियों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है. भारतीय परंपरा में त्योहारों और उत्सवों के दौरान आज भी महिलाओं की पहली पसंद हमेशा साड़ी ही होती है. सुंदर लगे नारी, जब पहने साड़ी, ऐसा कहा जाता है. अभी की दीपावली और उसके बाद आने वाले शादी-विवाह के समारोहों के लिए कुछ महिलाओं ने थीम तैयार करके साड़ियां खरीदी हैं. आमतौर पर दो से पांच हजार रुपये की रेंज वाली साड़ियों की सबसे अधिक मांग है. उसमें भी काठपदरी सिल्क साड़ी को महिलाओं की पसंद हमेशा से मिलती रही है.
ग्राहकों को चाहिए अच्छी पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स
दीपावली के समय लोग एक-दूसरे के घर मिलने जाते हैं. ऐसे मेहमानों को कुछ न कुछ स्नैक्स दिए जाते हैं. इसके लिए दूध से बने पदार्थों का भी उपयोग किया जाता है. इस साल दीपावली पर हमारा ‘हाई प्रोटीन पनीर’ यह प्रोडक्ट ग्राहकों के लिए नया है. दीपावली के समय 25 से 30 प्रतिशत बिक्री बढ़ जाती है. हालांकि, ग्राहकों को अब क्वालिटी प्रोडक्ट्स चाहिए होते हैं, इसलिए कीमत बढ़ने का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ता है. ग्राहकों को ब्रांडेड और अच्छी पैकेजिंग वाले प्रोडक्ट्स चाहिए होते हैं. दूध, पनीर और मावा इन डेयरी उत्पादों के भाव पिछले कुछ समय में सामान्य तौर पर 20 से 25 प्रतिशत बढ़ गए हैं. हालांकि, हमने उत्पाद की गुणवत्ता पर लगातार जोर दिया है, इसलिए ‘ट्रस्टेड क्वालिटी’ मॉडर्न डेयरी की पहचान रही है. हमारे यहां फिलहाल पनीर और घी सबसे अधिक एक्सपोर्ट हो रहे हैं और हम स्पेशल पनीर लॉन्च कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि यह भी ग्राहकों को पसंद आएगा. गणेशोत्सव के बाद अचानक दूध की किल्लत दिखने लगी है. इसके अलावा, चार से पांच महीनों से बटर की भी किल्लत है. ग्राहक हेल्थ कॉन्शस हो जाने के कारण उन्हें क्वालिटी प्रोडक्ट्स चाहिए होते हैं. दीपावली में भी ऐसे दर्जेदार उत्पादों के लिए ग्राहकों की पसंद बनी रहेगी. - मनोज भगतानी, मे. मॉडर्न डेयरी, कैम्प
कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि में ही सच्ची दीपावली
एक तरह से यह कहा जा सकता है कि यदि कृषि और ग्रामीण क्षेत्र समृद्ध हैं, तभी सच्ची दीपावली होती है. हमारे यहां दीपावली का फराल (नाश्ता/पकवान) तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गेहूं, रवा, सूजी, आटा और मैदा की बिक्री पूरे साल अच्छी होती है. इन सभी सामग्रियों की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है. दीपावली का उत्साह भी अच्छा है. हालांकि, कीमतें बढ़ने से इसका असर ग्राहकों की जेब पर जरूर पड़ेगा. पिछले दो-तीन महीनों से यह बढ़ोतरी लगातार देखने को मिल रही है. मुख्य रूप से चना दाल के भाव लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जबकि सूजी रवा, आटा और मैदा के भाव भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. ये सामग्रियां ग्राहकों को साल भर चाहिए होती हैं. इसलिए दीपावली के दौरान बिक्री में बहुत बड़ी वृद्धि नहीं होती है. हालांकि, भाव बढ़ने के बावजूद हर घर में दीपावली का त्योहार मनाया जाता है, इसलिए मांग कम नहीं होती- ऐसा अनुभव है. इस साल भी मांग कम नहीं होगी. वर्तमान में सभी सामग्रियों के भाव बढ़ने से व्यापार पर इसका असर पड़ता है. मटेरियल महंगा हो जाता है, निवेश बढ़ जाता है और रिटेल दुकानदारों को उधार पर सामान देने का जोखिम बढ़ जाता है. - सुरेंद्र मित्तल, मे. लक्ष्मी ट्रेडर्स, मार्केट यार्ड
त्योहार के दौरान माहेश्वरी, चंदेरी, लाइटवेट और सिल्क साड़ियों की खरीदी में महिलाओं का रुझान बढ़ा
दीपावली एक बड़ा त्यौहार होने के कारण इस दृष्टिकोण से बाजार में इस समय कपड़ों, विशेषकर साड़ियों के अनगिनत प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं. पिछले कुछ वर्षों में यह देखने में आया है कि साड़ियों की मांग बहुत बढ़ गई है. इनमें वर्क, प्रिंट, सिल्क और आधुनिक डिजाइन की साड़ियां - सभी प्रकार की साड़ियां ग्राहकों को पसंद आती हैं. हमारे पास आने वाली कुछ महिला ग्राहकों की प्रतिक्रिया यह होती है कि महिलाओं का सबसे सुंदर लुक साड़ी में ही नजर आता है. खासकर दीपावली में पूजा करते समय और घर में तथा रिश्तेदारों के साथ त्योहार मनाते समय महिलाएं विशेष रूप से साड़ी पहनती हैं. इस वर्ष दीपावली के लिए माहेश्वरी सिल्क, चंदेरी, लाइटवेट और इसके बाद आने वाले शादी समारोहों में पहनने के लिए सिल्क साड़ियों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. फैशन के इस दौर में भी साड़ी को बेजोड़ पसंद मिलती है, क्योंकि साड़ी पहनने के बाद महिलाएं प्रसन्नचित्त महसूस करती हैं. दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर उन्हें साड़ी पहनकर सेल्फी लेनी होती है. ऐसे फोटो उन्हें सोशल मीडिया पर भी शेयर करने होते हैं, यह बात भी महिला ग्राहक हमें बताती हैं. फिलहाल साडियों की मांग में रानी (गुलाबी), हरा, पारंपरिक रंग, पीला (येलो), बैंगनी (पर्पल) जैसे पारंपरिक रंगों का ट्रेंड एक बार फिर देखने को मिलने लगा है. इसके अलावा, पहली बार साड़ी पहनने वाली युवा लड़कियों में काले रंग का भी काफी क्रेज है. अब किसी खास उत्सव के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र या पद्धति की साड़ी का ही क्रेज नहीं रहा है, बल्कि पूरे देश की अलग-अलग पद्धतियों की तमाम साड़ियां महिलाओं को पसंद आ रही हैं. - महावीर कटारिया, मे. कटारिया टेक्सटाइल्स, भवानी पेठ