नवी पेठ, 3 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) बदलती वैेिशक युद्ध-परिस्थितियों के बीच भारत अत्याधुनिक हथियारों के स्वदेशी निर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से देश सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर मजबूत हो रहा है. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए अपनी आधुनिक मारक क्षमता का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है. यह बात सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर डॉ. श्रीनिवास अंबिके ने निवारा सभागृह में आयोजित सैनिक-स्नेह कार्यक्रम के दौरान कही. यह कार्यक्रम स्नेह-सेवा और मैत्रेय चैरिटेबल सोसायटी द्वारा सीमा पर तैनात जवानों को दिवाली के फराल (मीठे-नमकीन पकवान) भेजने के उपक्रम के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें चितले बंधु उद्योग समूह के प्रमुख श्रीकृष्ण चितले ने विशेष सहयोग दिया.
65 हजार दीपावली फराल के डिब्बे सीमाओं पर भेजे
संस्था के अध्यक्ष अरविंद भडकमकर ने बताया कि इस पहल का यह 38वां वर्ष है. इस साल कारगिल, डिब्रूगढ़, तवांग, बागडोगरा और धर्मशाला की सीमाओं पर तैनात 11 बटालियनों के लिए कुल 65 हजार डिब्बे भेजे गए ह्ैं. इसके अलावा, खड़की स्थित क्वीन मेरी टेक्निकल इंस्टीट्यूट और पैराप्लेजिक सेंटर के जवानों को भी मिठाइयां दी गई ह्ैं. परियोजना प्रमुख डॉ. दिनेश पांडे के अनुसार, मिठाइयों के साथ-साथ स्कूली बच्चों द्वारा तैयार किए गए दिवाली ग्रीटिंग कार्ड भी जवानों को भेजे गए ह्ैं. कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न बटालियनों के जवानों को अतिथियों के हाथों उपहार सौंपे गए्. कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा यार्दी ने किया, जबकि रवींद्र कोठावदे ने आभार व्यक्त किया.