ड्रग्स का बढ़ता इस्तेमाल छिपा युद्ध व षडयंत्र : फडणवीस

निगड़ी में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा- पुलिस बल के एआई, ड्रोन, "जांच सारथी" का आधुनिकीकरण होगा

    04-Nov-2026
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CMFadanvis
निगड़ी, 3 नवंबर (आ.प्र.)
शहर में नशीले पदार्थाें (ड्रग्स) का प्रवेश हाेना केवल एक लत नहीं है, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी के खिलाफ छेड़ा गया एक छिपा हुआ युद्ध और षड्यंत्र है. सिंथेटिक ड्रग्स घराें या बंद कारखानाें में तैयार हाेते हैं, इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है. इस छिपे हुए युद्ध और बढ़ती हुई आपराधिक गतिविधियाें काे राेकने राज्य पुलिस काे अत्याधुनिक बनाया जा रहा है, ऐसा दृढ़ विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया.
 
निगड़ी में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के नए मुख्यालय की जमीन के ‘सातबारा’ हस्तांतरण और विभिन्न विकास कार्याें के शुभारंभ अवसर पर सीएम बाेल रहे थे. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, माधुरी मिसाल, याेगेश कदम, सांसद श्रीरंग बारणे, महापाैर रवि लांडगे, पुणे की महापाैर मंजुषा नागपुरे, कले्नटर जीतेंद्र डूडी और पुलिस आयुक्त विनय कुमार चाैबे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. सजा की दर काे 70% पर ले जाएंगे; ‘जांच सारथी’ साबित हाेगा गेमचेंजर पुलिस बल के काम की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 100 में से केवल 13 अपराधियाें काे सजा मिलती थी, लेकिन सक्षम जांच और पुख्ता सबूताें के चलते अब यह सजा की दर बढ़कर 50% पर पहुंच गई है और जल्द ही यह 70% तक पहुंच जाएगी. जांच काे अधिक सटीक और गतिशील बनाने के लिए अब ‘जांच सारथी’ नामक एक नई प्रणाली तैयार की जा रही है, जिससे आराेपी काे कड़ी सजा दिलाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी. साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वजह से स्ट्रीट क्राइम तेजी से नियंत्रण में आ रहा है और घटना के घटित हाेते ही पुलिस तुरंत माैके पर पहुंच रही है.
पुलिस की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए बाॅडीवाॅर्न कैमरे दिए जा रहे हैं, जिससे न ताे पुलिस अपनी धाैंस जमा सकेगी और न ही काेई उनके साथ गुंडागर्दी कर पाएगा, यह भी उन्हाेंने स्पष्ट किया.
 
ड्रग्स की जड़ तक जाकर करेंगे खात्मा युवा पीढ़ी के नशीले पदार्थाें की लत में फंसने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के लिए पैसे न हाेने के कारण युवा अपराध की ओर आकर्षित हाे रहे हैं. खांसी की दवाइयाें का दुरुपयाेग नशे के लिए न हाे, इस पर सरकार की पैनी नजर है. ड्रग्स तैयार करने वालाें की जड़ाें तक पहुंचकर उन्हें नेस्तनाबूद किया जाएगा. साथ ही, लत के शिकार हुए युवाओं काे दलदल से बाहर निकालने शहर में सपाेर्ट ग्रुप शुरू किये जाएंगे.