पढ़ी-लिखी और कमाने वाली पत्नी गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती : हाईकोर्ट

    05-Nov-2026
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Gujarat
बेंगलुरु,4 नवंबर (आ. प्र.)
कर्नाटक हाईकाेर्ट ने पति से गुजारा भत्ता मांगने वाले मामले में अहम टिप्पणी की है. हाईकाेर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल पति की अधिक कमाई के आधार पर एक शिक्षित और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर पत्नी उससे गुजारा भत्ता नहीं मांग सकती.
 
कानून में ऐसा कहीं भी नहीं लिखा है कि एक शादीशुदा महिला का खर्च हर हाल में उसके पति काे ही उठाना चाहिए्. जस्टिस चिल्लाकुर सुमाथथा ने कहा कि गुजारा भत्ता पाने के लिए यह जरूरी है कि पत्नी खुद का भरण-पाेषण करने में असमर्थ हाे. काेर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी अगर नाैकरी करती है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है, ताे गुजारा भत्ता देने से इनकार किया जा सकता है. बता दें कि एक साॅफ्टवेयर इंजीनियर काे फैमिली काेर्ट ने अपनी पत्नी काे 20,000 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. उसकी पत्नी ने हाईकाेर्ट में याचिका दायर कर 85,000 रुपये मासिक गुजारा भत्ता मांगा था. उसका दावा था कि पति की सालाना आय 40 लाख रुपये है. पति ने हाईकाेर्ट में फैमिली काेर्ट के आदेश काे चुनाैती देते हुए कहा कि उसकी पत्नी शिक्षित है और तकनीकी लेखक के रूप में काम करती है. वह हर महीने 54,700 रुपये कमाती है और अपना खर्चा उठाने में सक्षम है.
 
वहीं, पति ने काेर्ट काे बताया कि वह टाइप-1 डायबिटीज और बीटा थैलेसीमिया से पीड़ित है. उसे दिन में चार बार इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं. इसके अलावा, अपने और माता-पिता के इलाज पर उसका करीब 70,000 रुपये खर्च हाेता है.