संत तुकारामनगर, 4 नवंबर (आ.प्र.)
काॅन्ट्रै्नटर की टेंडर फाइल पर हस्ताक्षर करने के एवज में 19 हजार रुपये की घूस मांगने के मामले में मामला दर्ज हाेने वाले मनपा के मुख्य अभियंता प्रमाेद सुधाकर ओंभासे काे निलंबित कर दिया गया है. गिरफ्तारी के दिन यानी 29 अक्टूबर से निलंबन लागू किया गया है. उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश भी आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी ने दिए हैं.
ओंभासे मनपा के सिविल मुख्य कार्यालय में ‘मुख्य अभियंता-2’ पद पर कार्यरत थे. भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूराे (एसीबी) की जांच के दाैरान यह स्पष्ट हुआ कि उन्हाेंने शिकायतकर्ता के 38 लाख रुपये के टेंडर की फाइल पर हस्ताक्षर करने आधे प्रतिशत की दर से 19 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, ऐसा आदेश में उल्लेख किया गया है.
इस मामले में संत तुकारामनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने उन्हें 14 नवंबर तक न्यायिक हिरासत सुनाई है, ऐसा भी आदेश में कहा गया है.
उन पर अपने पद और अधिकाराें का दुरुपयाेग कर अशाेभनीय आचरण करने का आराेप लगाया गया है. इस मामले के कारण जनमानस में मनपा की छवि धूमिल हुई है, ऐसा आदेश में उल्लेख किया गया है.
संबंधित विभाग 15 दिनाें के भीतर आराेप-पत्र दाखिल करे और जांच अधिकारी और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की नियुक्ति की कार्रवाई तत्काल की जाए, ऐसे निर्देश आयुक्त ने दिए हैं.