हमारे देसी जासूस करमचंद ने कभी छाेटे पर्दे पर गाजर चबाकर झट-पट मामले सुलझाते हुए यह संकेत देने की काेशिश की थी कि गाजर खाने वालाें का दिमाग गाजर न खाने वालाें से तेज चलता है. यह ताे रही पर्दे के एक सफल किरदार की कहानी.अब ताे शाेधकर्ताओं ने भी साबित कर दिया है कि चूंकि गाजर में विटामिन-ए की मात्रा प्रचुरता में पाई जाती है. इसलिए यह हर प्रकार से आपकी सेहत के लिए लाभकारी साबित हाेती है.‘डेली ए्नसप्रेस समाचार-पत्र में शाेधकर्ताओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि विकसित देश में रहने वाले लाेगाें काे विटामिन-ए की अतिर्नित खुराक की आवश्यकता नहीं हाेती है, क्योंकि उनके आहार में विटामिन-ए की काफी मात्रा हाेती है.
शाेध में कहा गया है कि जाे लाेग इस आस में गाजर का सेवन करते हैं कि उनकी दृष्टि में सुधार हाे जाएगा ताे वह कितनी ही गाजराें का सेवन राेजाना कर लें, ऐसा कतई नहीं हाेने वाला. किंतु यह अपने आप में आश्चर्यजनक तथ्य है कि विकसित देशाें में विटामिन-ए की कमी से हर साल पांच लाख बच्चे अंधेपन का शिकार हाे जाते हैं.शाेधकर्ताओं का मानना है कि यदि आप में विटामिन-ए की कमी है ताे आंखाें के ग्राही (रिसेप्टर) जाेकि कम प्रकाश में प्रकाश काे ग्रहण करते हैं, ठीक से कार्य नहीं करते और विटामिन-ए की कमी से सबसे पहले रताैंधी की शिकायत हाे जाती है.