आरएसएस प्रमुख माेहन भागवत ने देश की स्वस्थ जनसंख्या दर के लिए तीन बच्चाें की नीति काे दाेहराते हुए कहा कि विभिन्न अध्ययनाें से पता चलता है कि जनसंख्या में गिरावट काे राेकने के लिए प्रति दंपत्ति तीन बच्चे एक आदर्श स्थिति हाेनी चाहिए. देश की कुल प्रजनन दर 2.1 तक पहुंचने का जिक्र करते हुए उन्हाेंने कहा कि बिहार की बदाैलत यह संतुलित हाे रही है. वर्ली के नेहरू सेंटर में आरएसएस के एक प्रचार कार्यक्रम के दूसरे दिन बाेलते हुए उन्हाेंने कहा कि धर्मांतरण और अवैध अप्रवासन के कारण हिंदू आबादी घट रही है. उन्हाेंने कहा कि यदि काेई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्मांतरण करता है, ताे इसका काेई विराेध नहीं हाेता, लेकिन जबरन या प्रलाेभन के आधार पर किए गए धर्मांतरण निंदनीय हैं और उनका जवाब घर वापसी हाेगा. अवैध अप्रवासन पर उन्हाेंने कहा कि सरकार पता लगाओ और निर्वासित कराे नीति लागू कर रही है, फिर भी लाेगाें काे सतर्क रहना चाहिए और ऐसे मामलाें की सूचना अधिकारियाें काे देनी चाहिए तथा ऐसे लाेगाें काे काम पर रखने से बचना चाहिए.
उन्हाेंने कहा कि वैश्विक हिंदू एकता से दुनिया के किसी भी हिस्से में अधिकाराें और मुद्दाें के लिए लड़ने के लिए बाहरी ताकताें पर निर्भरता की आवश्यकता समाप्त हाे जाएगी. उन्हाेंने हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की भी वकालत की. उन्हाेंने कहा, भारत रत्न सम्मान प्राप्त न हाेने पर भी वीर सावरकर लाखाें भारतीयाें के दिलाें पर राज करते हैं. हालांकि, उन्हें भारत रत्न प्रदान करने से इस सम्मान की प्रतिष्ठा और भी बढ़ जाएगी. भागवत ने कहा कि देश की विशाल जनसंख्या काे देखते हुए, लाेगाें काे काम देना महत्वपूर्ण है, और खेताें में काम करने का सम्मान किया जाना चाहिए.आयुर्वेद के बारे में उन्हाेंने कहा कि अब इसे बढ़ावा देने के लिए एक मंत्रालय है. आयुर्वेद के चिकित्सकाें और इसका उपयाेग करने वालाें की संख्या में वृद्धि हाेनी चाहिए. एलाेपैथी का प्रसार इसलिए हुआ है क्याेंकि इससे तुरंत आराम मिलता है.