चेन्नई, 12 फरवरी (आ. प्र.) चेन्नई के भगवान महावीर फाउंडेशन द्वारा बेहतरीन मानवीय सेवा को मान्यता देने के लिए दिया जाने वाला 29वां ‘राष्ट्रीय महावीर पुरस्कार' पुणे की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्था ‘सरहद' को देने की घोषणा की गई है. अवॉर्ड पाने वालों को देश भर के उन संस्थानों से चुना जाता है जिन्होंने अहिंसा और शाकाहार, शिक्षा, मेडिसिन और कम्युनिटी और सोशल सर्विस के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है. 29वें महावीर अवॉर्ड के लिए देश भर से आए 267 नॉमिनेशन को जाने-माने जजों के एक पैनल ने ध्यान से जांचा. भारत के पूर्व चीफ जस्टिस, जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इस साल यह जिरमेदारी निभाई. सीनियर संन्यासिनी आचार्य श्री चंदनाजी म. सा., भारत के पूर्व चीफ जस्टिस, जस्टिस डॉ. डी. वाई. चंद्रचूड़, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पार्ट-टाइम डायरेक्टर और तुगलक के एडिटर मूल्यांकन पैनल में भारतीय विद्या भवन मंगलगुरु केंद्र के चेयरमैन एस. गुरुमूर्ति, प्रोफेसर बी. एम. हेगड़े, भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी. एस. कृष्णमूर्ति, रिटायर्ड आयएएस अधिकारी और सेबी के पूर्व चेयरमैन डी. आर. मेहता, भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सचिव प्रभात कुमार (रिटायर्ड आईएएस अधिकारी) और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जी. एस. सिंघवी शामिल थे. महावीर पुरस्कार हर साल अहिंसा, शिक्षा, चिकित्सा और समुदाय और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दिया जाता है. हर महावीर पुरस्कार विजेता को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिह्न दिया जाता है. 1995 में संजय नाहर ने सरहद नाम का एक सोशल, कल्चरल और एजुकेशनल ऑर्गनाइजेशन शुरू किया था. यह ऑर्गनाइजेशन पंजाब, जम्मू और कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया जैसे भारत के झगड़े वाले इलाकों में शांति और देश की एकता बनाए रखने के लिए काम करता है. शांति वार्ता, अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत, कल्चरल फेस्टिवल, एजुकेशनल एक्टिविटी, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिए सरहद ने अलग-अलग कम्युनिटी के बीच तालमेल, भरोसा और आपसी समझ को बढ़ावा दिया है. यह झगड़े वाले इलाकों के स्टूडेंट्स को मुरत एजुकेशनल और रहने की मदद भी देता है. साल 2026 के लिए घोषित अवॉर्डी 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से हैं. 29वें अवॉर्ड से पहले, महावीर पुरस्कार पाने वालों की संख्या 16 थी.