पुणे का महत्वपूर्ण ‌‘वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र'

जैन समुदाय की आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख सेंटर

    13-Feb-2026
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पुणे में ओसवाल बंधु समाज का यह सांस्कृतिक केंद्र श्रमण संघ और स्थानकवासी जैन समुदाय की गतिविधियों का मुख्य केंद्र है, जिसमें चतुर्मास दौरान साधना और प्रवचन शामिल हैं. हालांकि, यहां जैन समाज के कार्यक्रम या अलग-अलग गतिविधियां तो चलती ही रहती हैं, लेकिन यह जगह अन्य सामाजिक के कार्यक्रमों के लिए भी दी जाती है. यह केंद्र 9 फरवरी 2013 को सिर्फ सामाजिक गतिविधियों के लिए बनाया गया. इस वास्तू का उद्घाटन महाराष्ट्र राज्य के उस समय के चीफ सेक्रेटरी जयंतकुमार बाठिया, बॉम्बे हाईकोर्ट के उस समय के जज कमल किशोर तातेड़ और ओसवाल बंधु समाज के विद्यमान प्रेसिडेंट वालचंद संचेती ने किया था.वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र की साढ़े चार एकड़ जमीन न सिर्फ पुणे के जैन समाज के लिए  बल्कि अन्य समाज के लोगों के लिए भी अलग-अलग बड़े इवेंट्स के लिए आकर्षण केंद्र बन गई है. यह जगह एक छोटी पहाड़ी पर है. इस जमीन के सिर्फ 1/4 हिस्से पर ही कंस्ट्रक्शन हुआ हैं, बाकी पूरी तरह से खुला मैदान है. काफी पार्किंग, खुली साफ हवा और बहुत सारी सुविधाएं वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र में होने वाले इवेंट्स को इसकी शान का सबूत बनाती हैं. सालभर में कई तरह के प्रोग्राम वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र में साल में करीब 70 से 80 छोटे-बड़े प्रोग्राम (इवेंट्स) होते हैं. इनमें शादी, जन्मदिन जैसे पारिवारिक कार्यक्रम तो होते ही हैं, साथ ही नवरात्रि के दौरान डांडिया होती है. महिला मंडल भी अलग-अलग प्रोडक्ट की प्रदर्शनी लगाते हैं. इसके साथ ही, जैन संगठनों द्वारा यहां कुछ मेडिकल कैंप भी लगाए जाते हैं. कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग किराया है यहां होने वाले कार्यक्रमों के लिए 24 घंटे का किराया करीब 2 लाख 75 हजार रुपये लिया जाता है, इसमें 80 हजार रुपये का डिपॉजिट होता है. साथ ही मांडव, संगीत, सजावट का खर्च अलग होता है. डांडिया जैसी एक्टिविटी या प्रदर्शनी के लिए 2 लाख रुपयों का किराया लिया जाता है.
 
वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र में दो बड़े चातुर्मास हुए
 2019 में, आत्मज्ञानी ध्यान गुरु आचार्य सम्राट श्री श्री 1008 पू. डॉ. श्री शिवमुनि जी म. सा. का चातुर्मास इसी जगह पर हुआ था. इस अवसर पर युवाचार्य प्रवर श्री महेंद्र ऋषिजी म. सा., प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी म. सा., उपप्रवर्तक श्री अक्षय ऋषिजी म. सा. के साथ श्रमण संस्थान के मुख्य मंत्री श्री शिरीष मुनि जी आदि ठाणा 16 भी उनके साथ थे. 2025 का चातुर्मास उपाध्याय प. पू. श्री प्रवीण ऋषिजी म. सा. आदि ठाणा 2 ने यहीं किया है. चातुर्मास के अलावा, पुणे आने वाले जैन साधु-साध्वी साल भर यहीं आते रहते हैं, इस दौरान यहां प्रवचनसमेत दूसरे प्रोग्राम भी होते हैं.  
 
बड़ी पार्किंग के साथ प्रशस्त बैठक एरिया

वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र के पास करीब 250 कारों की लिए और 100 टू- व्हीलर के लिए पार्किंग एरिया है. साथ ही, कार्यक्रम ग्राउंड पर होते है, इसलिए 2000 लोगों के लिए बैठक की और 1500 कुर्सियों का इंतजाम होता है.  
 
शाकाहारी और शराब वर्ज्य प्रमुख शर्तें

इस जगह का इस्तेमाल जैन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, जबकि दूसरे समुदायों को प्रोग्राम के लिए भी किराए पर जगह दी जाती है, लेकिन शाकाहारी और शराब वर्ज्य इन शर्तों का पालन यहां करना ही पड़ता है.