सड़क हादसों की अनदेखी माफी के लायक नहीं

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव गोपालकृष्ण पिल्लई ने पुरस्कार समारोह में कहा

    16-Feb-2026
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पुणे, 15 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

भले ही देश सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है, लेकिन पिछले दो दशकों में सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर सरकार की अनदेखी माफ करने लायक नहीं है, ऐसा पूर्व केंद्रीय गृह सचिव गोपालकृष्ण पिल्लई ने कहा. पूर्व केंद्रीय गृह सचिव सरहद पुणे द्वारा आयोजित स्व. माधव गोडबोले मेमोरियल व्याख्यान और पुरस्कार समारोह में ‌‘हरवलेले सुशासन' विषय पर बोल रहे थे. यह कार्यक्रम तिलक मेमोरियल मंदिर में आयोजित किया गया था. मुख्य आयकर आयुक्त विवेक वाड़ेकर इसके अध्यक्ष थे. पिल्लई ने कहा, भले ही सड़क सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा है, लेकिन पिछले तीस वर्षों में एक भी सांसद ने संसद में इस पर विस्तृत चर्चा नहीं की. क्योंकि यह मुद्दा वोटों में नहीं बदल रहा है. अगर हर दिन लगभग छह हजार नई गाड़ियां सड़क पर आ रही हैं, तो यह मुद्दा सिर्फ फ्लाईओवर या मेट्रो बनाने से हल नहीं होगा. इसके लिए एक विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और एक ठोस नीति बनानी चाहिए. चूंकि पुणे ज्ञान का हब है, इसलिए उन्होंने यहां के समझदार नागरिकों से अपील की कि वे यह पता लगाने की पहल करें कि इस मुद्दे को राजनीतिक प्राथमिकता कैसे मिल सकती है. उन्होंने कहा कि हालांकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए अच्छे प्रोजेक्ट्स लागू किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पारदर्शी तरीके से लागू करना और लाभार्थियों तक पहुंचाना जशरी है. अपने अध्यक्षीय भाषण में, विवेक वाड़ेकर ने प्रशासन की स्वायत्तता पर बयान देते हुए कहा, जब मैं ईडी विभाग में काम कर रहा था तो कोई राजनीतिक दबाव नहीं था. गुणवत्ता काम की उम्मीद थी.  
 
‌‘सरहद' द्वारा स्व. माधव गोडबोले मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान

 इस मौके पर पीएमआरडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. योगेश म्हसे, सांगली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल नरवड़े और डीजीपी कार्यालय में मुख्य क्लर्क जहीशजीन हुसैन शेख को स्व. माधव गोडबोले मेमोरियल अवॉर्ड दिया गया. सरहद के अध्यक्ष संजय नहार, डॉ. शैलेश पगारिया और लेशपाल पास में मौजूद थे.