गन्ना श्रमिकों को सुविधाएं देने विशेष पहल की जाएगी

राज्यस्तरीय सम्मेलन में शुगर कमिश्नर डॉ. संजय कोलते द्वारा जानकारी प्रदान

    18-Feb-2026
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bfsbn

पुणे, 17 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)


राज्य की चीनी अर्थव्यवस्था में उत्पादन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही गन्ना काटने वाले श्रमिकों, विशेष रूप से प्रवासी महिला श्रमिकों का संरक्षण भी आवश्यक है. विभिन्न शासकीय विभागों के बीच समन्वय बेहतर कर तथा चीनी मिलों और नागरिक संस्थाओं के साथ साझेदारी कर प्रत्येक श्रमिक तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए, ऐसा निर्देश चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने दिया. प्रवासी गन्ना काटने वाले श्रमिकों के सर्वांगीण विकास के लिए महाराष्ट्र शासन ने एक पथप्रदर्शक और नवोन्मेषी पहल लागू करने का निर्णय लिया है. इस विषय पर चर्चा डॉ. कोलते की अध्यक्षता में सोमवार 16 फरवरी को चीनी आयुक्तालय में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन में हुई. इस बैठक में अपर श्रम आयुक्त बी. बी. वाघ, स्वास्थ्य विभाग के सह निदेशक डॉ. संदीप सांगले, बॉन्सुक्रो की मनीषा मजुमदार, विस्मा के कार्यकारी निदेशक अजीत चौगुले, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपनिदेशक संदीप जठार, राज्य सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक संजय खताळ, गोपीनाथ मुंडे गन्ना काटने वाले श्रमिक कल्याण महामंडल के महाप्रबंधक वी. एस. केंद्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. इस बैठक में डॉ. कोलते बोल रहे थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल चीनी मिलों, विभिन्न शासकीय विभागों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को एक साथ जोड़कर लागू की जाएगी. प्रत्येक वर्ष गन्ना कटाई के मौसम में पलायन करने वाले श्रमिकों को क्षेत्रीय स्तर पर योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है. वाघ ने कहा कि गन्ना काटने वाले श्रमिकों के लिए सम्मानजनक कार्य की परिधि केवल खेत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. व्यावसायिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और शिकायत निवारण प्रणाली अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए कार्यान्वयन तंत्र को और मजबूत करना होगा. डॉ. सांगले ने कहा कि प्रवासी परिवारों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की निरंतरता अत्यंत महत्वपूर्ण है. काम के लिए पलायन करते समय बच्चों की शिक्षा, परिवार का स्वास्थ्य और पोषण प्रभावित नहीं होना चाहिए. चीनी मिलों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से इन सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है. महिला गन्ना काटने वाली श्रमिकों के अनुभवों को केंद्र में रखकर समावेशी और सतत मॉडल विकसित करने पर चौगुले ने जोर दिया. जठार ने सामाजिक संरक्षण के साथ कौशल विकास के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता व्यक्त की.