दिवंगत डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार के प्लेन क्रैश के बारे में पहली बार ऑफिशियल जानकारी जारी की गई है. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूराे की तरफ से जारी एक बयान में यह साफ किया गया है कि हादसे के बाद प्लेन में लगी भीषण आग से दाेनाें फ्लाइट रिकाॅर्डर प्रभावित हुए थे. यह डिवाइस काफी देर तक आग में रहे और उन्हें काफी नुकसान हुआ है. इस वजह से जांच प्राेसेस में रुकावट आई है, लेकिन एजेंसी ने कहा है कि माैजूद सबूताें के आधार पर जांच जारी है. साथ ही, बिना किसी बहस में पड़े ऑफिशियल जांच पर भराेसा करने की अपील की गई है.
जैसा कि बयान में बताया गया है, प्लेन में दाे अलग-अलग रिकाॅर्डर थे. उनमें से एक में एल-3 बातचीत से जुड़ी जानकारी कामयाबी से मिल गई है. हालांकि, काॅकपिट में बातचीत रिकाॅर्ड करने वाले डिवाइस की पूरी टेक्निकल जांच चल रही है. चूंकि यह डिवाइस हनीवेल ने बनाई है, इसलिए संबंधित देश के ऑफिशियल प्रतिनिधियाें की मदद मांगी गई है. यह भी साफ किया गया है कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से सबूताें के आधार पर जांच की जा रही है. एजेंसी ने जांच प्राेसेस के बारे में गलत जानकारी न फैलाने की अपील की है.