मुंबई, 17 फरवरी (आ.प्र) भारतीय रेलवे में कार्यकारी निदेशक (विरासत) और प्रख्यात दृश्य कलाकार सुश्री आशिमा मेहरोत्रा ने एक बार फिर कला जगत में अपनी छाप छोड़ी है. उनकी कालजयी पेंटिंग मूव ऑन को बॉम्बे आर्ट सोसाइटी की 134वीं अखिल भारतीय वार्षिक कला प्रदर्शनी में प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है. इस भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 फरवरी, 2026 को मुंबई की प्रसिद्ध जहांगीर आर्ट गैलरी में होगा. पुरस्कृत पेंटिंग मूव ऑन एक रिक्शा चालक के शांत और आत्मनिरीक्षण के क्षण को दर्शाती है. जहाँ रिक्शा निरंतर गति का प्रतीक है, वहीं चालक की स्थिरता उसकी दिनचर्या और आंतरिक गरिमा को उजागर करती है. यह कृति दिखाती है कि कैसे रोजमर्रा की भागदौड़ के पीछे एक गहरा चिंतनशील संसार छिपा होता है. बॉम्बे आर्ट सोसाइटी भारत के सबसे प्राचीन और सम्मानित संस्थानों में से एक है. इस वर्ष देश भर से आई सैकड़ों प्रविष्टियों में से केवल 260 कृतियों का चयन हुआ, जिनमें आशिमा की कृति का पुरस्कृत होना उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की श्रेणी में खड़ा करता है. इससे पहले उनकी पेंटिंग लापता लेडीज का चयन ललित कला अकादमी की 64वीं राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए हुआ था, जहाँ वे रेलवे सेवाओं से पहली सिविल सेवक बनीं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया. वर्तमान में रेलवे बोर्ड में कार्यरत सुश्री मेहरोत्रा का काम स्मृति, पहचान और मानवीय संवेदनाओं के इर्द-गिर्द घूमता है. वे तेल, चारकोल और ऐक्रेलिक जैसे माध्यमों से महिलाओं के आंतरिक संघर्ष और लचीलेपन को कैनवास पर उतारती हैं. उनकी इस सफलता ने न केवल रेलवे परिवार बल्कि पूरे देश के कला प्रेमियों को गौरवान्वित किया है.