हिंद-दी-चादर का गौरव वर्ष में भव्य आयोजन

श्री गुरु तेगबहादुर साहिबजी के 350वें शहीदी समागम पर युवा पीढ़ी तक संदेश पहुंचेगा

    18-Feb-2026
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पुणे, 17 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
 श्री गुरु तेगबहादुर साहिबजी के 350वें शहीदी समागम शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य सरकार की ओर से हिंद-दी-चादर कार्यक्रम के अंतर्गत पुणे विभाग के पांचों जिलों में विविध उपक्रमों और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. यह जानकारी विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने दी. उन्होंने नागरिकों से इन उपक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान भी किया है. श्री गुरु तेगबहादुर साहिबजी ने धर्म स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के लिए जो अद्वितीय बलिदान दिया, उनके विचारों को आमजन, विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक पहुंचाना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है. पुणे विभाग के पांचों जिलों में शैक्षणिक गतिविधियां, स्वास्थ्य पखवाड़ा, स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने दिए हैं. प्रसिद्ध गायक सतिंदर सरताज द्वारा गाया गया भक्ति गीत विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रसारित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक अवसर पर सिख, सिंधी, बंजारा लबाना, सिकलीकर, मोहियाल, वाल्मीकि, उदासीन और वारकरी संप्रदाय सहित सभी सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई है. जीवन चरित्र को लेकर झांकी का स्वागत गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीद महोत्सव के अवसर पर उनके जीवन चरित्र पर आधारित झांकी का मंगलवार को सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया. यह झांकी हाल ही में पाषाण पहुंची और विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. पाषाण स्थित भैरवनाथ मंदिर बस्ती में सुबह 11.30 बजे कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसके बाद सूस रोड के साई चौक पर नागरिकों को दर्शन के लिए झांकी रोकी गई. लमाणतांडा पाषाण प्रभावित बस्ती में लगभग तीन घंटे तक झांकी ठहराई गई. इसके बाद औंध स्थित जिजामाता चौक, औंध गुरुद्वारा, नीलकंठेेशर मंदिर तथा छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. खड़की में मुख्य बाजार, शिवाजी महाराज स्मारक और खड़की गुरुद्वारा में भी झांकी के समक्ष धार्मिक और प्रेरणादायी कार्यक्रम संपन्न हुए. इस अवसर पर गणेश कलापुरे, विशाल मेघावत, संदीप तुपे, औंध गुरुद्वारा के ट्रस्टी पंपीनदर सिंह मान, औंध गुरुद्वारा के पुजारी बाबाजी सिंह, खड़की गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के मनमोहन सिंह ग्यानीजी, बोपोड़ी संयोजक अक्षय मुरडे और अक्षय भेगड़े उपस्थित थे.