पालकी विश्राम-स्थल भक्ति, एकता व सेवा भाव का केंद्र

कलस में पालकी विश्राम-स्थान के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा

    19-Feb-2026
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विश्रांतवाड़ी, 18 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

पालकी विश्राम स्थल भक्ति, एकता और सेवा भाव का केंद्र होता है. निर्वाचित होने के बाद यह कार्य मुझे सर्वप्रथम सुझाया गया. इसलिए श्रीसंत ज्ञानेेशर महाराज पालकी का विश्राम एक ऐतिहासिक और पवित्र कार्य के रूप में संपन्न हुआ. यह कार्य सभी को आनंद और संतोष देने वाला है. यह कई लोगों के योगदान का परिणाम है. यह प्रतिपादन केंद्रीय नागरी उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने किया. कलस में पालकी विश्राम क्रमांक 2 का लोकार्पण समारोह मुरलीधर मोहोल के हाथों संपन्न हुआ. पूर्व से कलस में स्थित विश्राम-स्थल कुछ कारणों से कुछ वर्षों तक बंद कर दिया गया था. उसे पुनः प्रारंभ किया जाए, इस मांग को लेकर अनेक लोगों के प्रयास जारी थे. इसी के अंतर्गत मुरलीधर मोहोल की संकल्पना से पालकी विश्राम शिल्प का लोकार्पण समारोह हुआ. केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल के हाथों संत ज्ञानेेशर महाराज तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं का पूजन कर, दीप प्रज्ज्वलित कर यह लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर बाबा औसेकर महाराज, सांसद श्रीरंग बारणे, राजाभाऊ रंधवे, विधायक बापूसाहेब पठारे, नगरसेवक अनिल टिंगरे, रेखा टिंगरे, सुहास टिंगरे, रवि टिंगरे, अेिशनी भंडारे, संगीता दांगट, विनोद पवार, शशिकांत टिंगरे, सतीश म्हस्के, प्रकाश म्हस्के सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे. विनोद मोरे तथा अविनाश रिठे के प्रयास और लगातार फॉलोअप से यह विश्राम स्थल साकार हुआ, इसलिए उनको सम्मानित किया गया. इस अवसर पर सुप्रसिद्ध गायिका कार्तिकी गायकवाड़, कल्याण गायकवाड़, कौस्तुभ गायकवाड़ और पूजा ठिगले का भक्तिगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर राजेंद्र धापटे तथा राजेंद्र उमाप आदि ने अपने विचार व्यक्त किए. समारोह अत्यंत भक्तिमय और आनंदमय वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए दिनेश उर्फ बंटी म्हस्के, रुपेश शिंदे, निखिल देवकर, यश तापकीर, संकेत सावंत, द्वारकेश जाधव आदि ने विशेष प्रयास किए.