सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही पारदर्शी प्रशासन का आधार

‘यशदा" में पीएमसी विधि परिषद-2026 के मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने कहा

    22-Feb-2026
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पुणे, 21 फरवरी (आ.प्र.)

यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी (यशदा) में पुणे मनपा और पुणे जिला शिक्षा मंडल विधि महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पीएमसी विधि परिषद 2026 का सफल आयोजन किया गया. इस गरिमामयी परिषद में मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय करोल, मेघालय उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम उपस्थित थे. सत्र का उद्घाटन करते हुई न आयुक्त नवल किशोर राम ने निकाय प्रशासन के समक्ष आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, कुशल सार्वजनिक सेवा, टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास और पारदर्शी नागरिक प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम और मजबूत कानूनी ढांचे की नितांत आवश्यकता है. न्यायमूर्ति रेवती मोहिते- डेरे ने स्थानीय निकायों की संवैधानिक जिम्मेदारियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सद्भावना के तहत किए गए कार्यों के लिए सरकारी अधिकारियों को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है. साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक प्रशासन में जवाबदेही के सिद्धांत पर विशेष बल दिया. परिषद में पुणे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राम भुजबल और पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट शिवाजीराव पाटिल भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का सफल आयोजन पीडीईए विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रंजना पाटिल और पुणे मनपा की मुख्य विधि अधिकारी डॉ. निशा चव्हाण द्वारा किया गया. यह परिषद महानगरपालिका प्रशासन में कानूनी जागरूकता, पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुई है.  
 
नागरिकों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि, मनपा प्रशासन कानून के दायरे में रहकर जवाबदेह और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण करने वाला होना चाहिए. उन्होंने पुणे शहर की प्रशंसा करते हुए कहा, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन के लिए कानून की गहरी समझ रखने वाले अधिकारियों का होना अनिवार्य है. शहर के सुधार में नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि प्रशासनिक अधिकारियों की.