पुणे, 21 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
आज का युवा केवल करियर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी अपने साथ लेकर चल रहा है. कोई तकनीक के माध्यम से ग्रामीण विकास का सपना देख रहा है, तो कोई न्याय के क्षेत्र में सत्य की स्थापना का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. इन युवाओं से दै.आज का आनंद के लिए प्रो.रेणु अग्रवाल ने बातचीत की तो कोई नई भाषाएं सीखकर वैेिशक मंच पर पहचान बनाना चाहता है, तो कोई शिक्षा और मीडिया के माध्यम से नई सोच को दिशा देना चाहता है. प्रस्तुत हैं इन युवाओं से बातचीत के मुख्य अंश
तकनीक के माध्यम से समाज निर्माण का संकल्प
मैं पॉलिटेक्निक कॉलेज, रोटेगांव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्ट्रीम का प्रथम वर्ष का विद्यार्थी हू्ँ. मेरा लक्ष्य एक सफल एआई इंजीनियर और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी डेवलपर बनना है. मैं ऐसी तकनीक विकसित करना चाहता हूँ जो शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो.मेरे अनुसार सफलता केवल धन अर्जित करना नहीं है, बल्कि ज्ञान, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के आधार पर समाज में सकारात्मक योगदान देना ही वास्तविक सफलता है. -अभय अलका गायकवाड़, रोटेगांव
न्याय और सत्य की राह पर अग्रसर
मैं 12वीं कक्षा का विद्यार्थी हूं और आगे चलकर एक सफल एवं ईमानदार वकील बनना चाहता हूं. मेरा उद्देश्य कानून के माध्यम से न्याय और सत्य की सेवा करना है. मेरे लिए सफल जीवन का अर्थ है अपने कार्य से संतुष्टि प्राप्त करना, सही मार्ग पर चलना और परिवार व समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना. पढ़ाई के अतिरिक्त मुझे क्रिकेट खेलना पसंद है, जिससे अनुशासन, टीमवर्क और आत्मवेिशास विकसित होता है. -संजय वसंत उघड़े, आनंदनगर घरखेड़ा
आत्मवेिशास और संस्कार ही सच्ची पहचान
मैं 10वीं कक्षा का छात्र हूं. मेरा मानना है कि यश केवल धन या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि मन की संतुष्टि से मिलता है. मुझे पढ़ाई के साथ अनेक भाषाओं का अध्ययन करना पसंद है. मैं एक डांसर भी हूं और कई टीवी कार्यक्रमों में भाग ले चुका हूं. औरंगाबाद से मुंबई तक 21 मॉडल यूनाइटेड नेशन्स प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त की है. मैं विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि समय का सदुपयोग करें और स्वयं पर वेिशास रखें -ध्रुव अनुप धानुका, बंसीलालनगर, छत्रपति संभाजीनगर
नए करियर विकल्पों को अपनाने की प्रेरणा
मैं एक कंटेंट राइटर हूँ और एचए कंपनी में कार्यरत हूं. साथ ही, इंटरनेशनल रिलेशन में डिप्लोमा कर रही हूं. मेरा मानना है कि बदलाव प्रकृति का नियम है और हमें हर परिवर्तन को स्वीकार कर स्वयं को उसके अनुरूप विकसित करना चाहिए. हमारे क्षेत्र में निरंतर नई चीजें सीखना ही आगे बढ़ने का मार्ग है. जो विद्यार्थी इस क्षेत्र में आना चाहते हैं, उन्हें पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए. मैं कहना चाहती हूँ कि विद्यार्थी अपने रुचि क्षेत्र को पहचानें और उसी दिशा में मेहनत करें. -जयश्री अनंतकुमार गूंगे, औंध, पुणे
ईमानदार वकालत से न्याय की स्थापना
मैंने बी.ए. से स्नातक किया है और वर्तमान में एलएलबी (3 वर्ष) का विद्यार्थी हूं. मेरा लक्ष्य एक अधिवक्ता बनकर लोगों को न्याय दिलाना है.मेरे अनुसार सफलता केवल धन अर्जित करना नहीं, बल्कि अपने माता-पिता का नाम रोशन करना और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीना है. मेरा भविष्य लक्ष्य है कि एलएलबी की पढ़ाई उत्कृष्ट रूप से पूर्ण कर न्यायालय में प्रैक्टिस प्रारंभ करूं और अपने कार्य से पहचान बनाऊं. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, धैर्य और सही संगति अत्यंत आवश्यक है. - ताबिश उमर मेहमूद खान, औरंगाबाद
शिक्षा और न्याय से सशक्त समाज
मैं बी.ए. एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा हूं और एम.पी. लॉ कॉलेज, छत्रपति संभाजीनगर में अध्ययनरत हूं. मेरा उद्देश्य एक योग्य और ईमानदार अधिवक्ता बनकर जरूरतमंदों को न्याय दिलाना है. मेरे लिए सफल जीवन वही है जिसमें व्यक्ति ईमानदारी से लक्ष्य प्राप्त करे और अपने ज्ञान का उपयोग समाज की भलाई के लिए करे. भविष्य में बार काउंसिल में नामांकन लेकर वकालत प्रारंभ करने तथा न्याय व्यवस्था में योगदान देने का मेरा संकल्प है. -भावना भगवान गायकवाड़, संभाजीनगर