दमा काे नियंत्रित और ठीक करने वाले कुछ नुस्ख

    24-Feb-2026
Total Views |

asthma
 
 
श्वास अथवा दमा श्वसन तंत्र की भयंकर कष्टदायी बीमारी है. यह राेग किसी भी उम्र के व्यक्ति काे हाे सकता है. श्वास पथ की मांसपेशियाें में हाेने से सांस लेने निकालने में कठिनाई हाेती है. खांसी का वेग हाेने और श्वासनली में कफ जमा हाे जाने पर तकलीफ ज्यादा बढ जाती है. राेगी बुरी तरह हाफंने लगता है.

अब यहां ऐसे घरेलू नुस्खाें का उल्लेख किया जा रहा है जाे इस राेग ठीक करने,दाैरे काे नियंत्रित करने,और श्वास की कठिनाई में राहत देने वाल सिद्ध हुए हैं-
 
1) तुलसी के 15-20 पत्ते पानी से साफ करलें िफर उन पर काली मिर्च का पावडर बुरककर खाने से दमा मे राहत मिलती है.

2) एक केला छिलके सहित भाेभर या हल्की आंच पर भुनलें. छिलका उतारने के बाद 10 नग काली मिर्च का पावडर उस पर बुरककर खाने से श्वास की कठिनाई तुरंत दूर हाेती है.

3) दमा के दाैरे काे नियंत्रित करने के लिये हल्दी एक चम्मच दाे चम्मच शहद में मिलाकर चाट लें.

4) तुलसी के पत्ते पानी के साथ पीसलें, इसमें दाे चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दमा राेग में लाभ मिलता है.

5) पहाडी नमक सरसाें के तेल मे मिलाकर छाती पर मालिश करने से ाैरन शांति मिलती है.

6) 10 ग्राम मैथी के बीज एक गिलास पानी मे उबालें तीसरा हिस्सा रह जाने पर ठंडा करलें और पी जाएं. यह उपाय दमे के अलावा शरीर के अन्य अनेकाें राेगाें में फयदेमंद है.

7) एक चम्मच हल्दी एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से दमा राेग काबू मे रहता है.एलर्जी नियंत्रित हाेती है.

8) सूखे अंजीर 4 नग रात भर पानी मे गलाएं,सुबह खाली पेट खाएं.इससे श्वास नली में जमा बलगम ढीला हाेकर बाहर निकलता है.

9 ) सहजन की पत्तियां उबालें. छान लें. उसमें चुटकी भर नमक, एक चाैथाई नींबू का रस, दमा का बढिया इलाज माना गया है.

10) शहद दमा की अच्छी औषधि है.शहद भरा बर्तन राेगी के नाक के नीचे रखें और शहद की गन्ध श्वासके साथ लेने से दमा में राहत मिलती है.

11) दमा में नींबू का उपयाेग हितकर है. एक नींबू का रस एक गिलास जल के साथ भाेजन के साथ पीना चाहिये.

12) लहसुन की 8 कली 50 मिलि दूध में उबालें. यह मिक्श्चर सुबह-शाम लेना बेहद लाभकारी है.

13) अनुसंधान में यह देखने में आया है कि आंवला दमा राेग में अमृत समान गुणकारी है.एक चम्मच आंवला रस मे दाे चम्मच शहद मिलाकर लेने से ेफडे ताकतवर बनते हैं.

14) दमा के राेगी काे सिंथेटिक बिस्तर पर नहीं लेटना चाहिये. यह दमा राेग में ट्रिगर ैक्टर का काम करता है.

15) एक अनुभूत नुस्खा यह है कि दमा राेगी काे हर राेज सुबह के वक्त 3-4 छुहारा अच्छी तरह बारीक चबाकर खाने चाहिये. अच्छे परिणाम आते हैं. इससे ेफड़ाे काे शक्ति मिलती है और सर्दी जुकाम का प्रकाेप कम हाे जाता है.