युवाओं काे नीति निर्माण, प्रशासन और सार्वजनिक सेवा की जटिलताओं काे समझना चाहिए. उन्हें राजनीतिक रूप से कुशल, प्रशासन का जानकार और सामाजिक रूप से संवेदनशील बनाने के लिए कैंपस से ही एक नई पीढ़ी तैयार हाे सकती है. राजनीति के शुद्धिकरण के लिए नए और सक्षम प्रतिभावान युवाओं काे राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, ऐसा आह्वान लाेकसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने किया. वे 15वीं भारतीय छात्र संसद के समापन समाराेह में मुख्य अतिथि के रूप में बाेल रहे थे.
इस कार्यक्रम का आयाेजन एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा किया गया था. इस अवसर पर पूर्व सांसद और वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी और राज्यसभा सांसद डाॅ. संदीप कुमार पाठक सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे. साथ ही एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और छात्र संसद के संस्थापक डाॅ. राहुल विश्वनाथ कराड, कुलपति डाॅ.आर.एमचटणीस और सीएओ डाॅ.प्रसाद खांडेकर भी उपस्थित थे.
यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 15वीं भारतीय छात्र संसद के लिए भेजे गए शुभकामना संदेश का इस अवसर पर वाचन किया गया. शाहिद सिद्दीकी ने कहा, विश्वगुरु बनने के लिए युवाओं काे खुद काे सशक्त बनाना चाहिए. तकनीक के इस युग में केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अख) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. लाेकतंत्र का अर्थ है देश के सभी नागरिकाें के लिए समान न्याय, कानून और समान व्यवहार.डाॅ.संदीप कुमार पाठक ने कहा, कैंपस-टू-कैबिनेट काे लेकर कई गलतफहमियां हैं. विश्वविद्यालयाें में चुनाव हाेना आवश्यक है और यहां हाेनेवाली डिबेट(बहस) के माध्यम से ही उत्कृष्ट नेता तैयार हाेंगे.डाॅ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा, भ्रष्टाचार, जातिवाद, सांप्रदायिकता और औपनिवेशिक मानसिकता काे बदलना जरूरी है. भारतीय छात्र संसद लाेकतंत्र में नेतृत्व का अवसर प्रदान करने वाला एक उपक्रम है. हमारा प्रयास अच्छे और शिक्षित युवाओं काे राजनीति में लाने का है.इस अवसर पर छात्र दीपक कुमार पांडे, पूर्वी गंजीवाले, प्रताप पुंडे, उदय शर्मा और नेहाली चावडीकर ने भी अपने विचार रखे.कुलपति डाॅ.आर.एम. चिटणीस ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्राे. डाॅ. गाैतम बापट ने कार्यक्रम का संचालन किया.