विमाननगर, 24 फरवरी (आ. प्र.) सिम्बायोसिस इंटरनेशनल युनिवर्सिटी ने एक्सप्लोर आईटी नेक्स्टजेन सोल्यूशंस के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय युवा और स्थिरता महोत्सव-2026 (IYSF 4.0) का सफल आयोजन किया. विमान नगर स्थित कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे और सिम्बायोसिस सेंटर फॉर वेस्ट रिसोर्स मैनेजमेंट (SCWRM) शैक्षणिक भागीदार के रूप में शामिल हुए थे. इस दो दिवसीय महोत्सव में कॉर्पोरेट जगत के नेताओं, ईएसजी पेशेवरों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और जमीनी स्तर के संगठनों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी दर्ज की. इसके माध्यम से जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध कार्रवाई, सतत विकास और पर्यावरणीय शासन जैसे विषयों पर संवाद और सहयोग के लिए एक प्रभावी मंच तैयार हुआ. सिम्बायोसिस इंटरनेशनल युनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रामकृष्ण रमण ने महोत्सव की संकल्पना पुनर्विचार, अनुसंधान और पुनर्संचयन का समर्थन करते हुए, अनुसंधान-आधारित और कार्रवाई-उन्मुख जलवायु पहलों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (B RC) के पूर्व सह-निदेशक डॉ. शरद काले उपस्थित थे. साथ ही, सम्मानित अतिथियों के रूप में फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध जादव पायेंग, लद्दाख के राजा महामहिम जिग्मेद वांगचुक नामग्याल और वॉटरमैन ऑफ इंडिया के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. राजेंद्र सिंह आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. उनकी उपस्थिति ने स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण पर चल रहे विचार-मंथन को एक गहन और प्रेरणादायी दिशा प्रदान की. अंतरराष्ट्रीय युवा और स्थिरता महोत्सव 4.0 में शून्य कचरा शहर (Zero Waste Cities) और शहरी प्रशासन से लेकर भूजल जागरूकता और संसाधन प्रबंधन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण स्थिरता संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया. इन विषयों पर 20 से अधिक वैचारिक कार्यशालाओं (Workshops) का आयोजन किया गया था. साथ ही सिम्बायोसिस लॉ स्कूल (पुणे) और इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च (IIR), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में कार्बन अकाउंटिंग और ईएसजी (ESG) पर दो विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आयोजित किए गए थे. बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और कार्बन-सचेत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए, युवाओं को स्थिरता के प्रति संवेदनशील और सक्षम बनाने की तत्काल आवश्यकता पर इस महोत्सव में बल दिया गया.