न्यायपालिका काे बदनाम करने नहीं देंगे: चीफ जस्टिस

    26-Feb-2026
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CJ 
 
सुप्रीम काेर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की 8वीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है. सीजेआई ने कहा- किसी काे भी न्यायपालिका काे बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. बुधवार काे सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस विपुल एम पंचाेली और जस्टिस जाॅयमाल्या बागची की बेंच में यह मामला सीनियर एडवाेकेट कपिल सिब्बल ने उठाया था. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा- मुझे इसकी पूरी जानकारी है. यह पूरे ज्यूडीशियल इंस्टीट्यूशन के लिए चिंता की बात है. यह साेचासमझा कदम लग रहा है. मैं किसी काे भी, चाहे वे कितने भी ऊंचे पद पर क्याें न हाें, इंस्टीट्यूशन काे बदनाम नहीं करने दूंगा.मैं इस मामले पर खुद नाेटिस ले रहा हूं्.
 
एनसीईआरटी ने 23 फरवरी काे जारी नई टेक्स्टबुक एक्सप्लाेरिंग साेसायटी इंडिया एंड बियाॅन्ड पार्ट 2 में द राेल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर साेसायटी टाॅपिक के अंदर ज्यूडिशियरी ें करप्शन का टाॅपिक जाेड़ा है. इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था. ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्कूलाें में पढ़ाई जानी है.साेशल साइंस की इस किताब में सुप्रीम काेर्ट में 81 हजार, हाईकाेर्ट में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट काेर्ट के 4 कराेड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है. सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक एम सिंघवी ने सीजेआई की बेंच के सामने कहा- बच्चाें काे ज्यूडिशियरी में करप्शन का सब्जेक्ट ऐसे पढ़ाया जा रहा है जैसे यह कहीं और, किसी और इंस्टीट्यूशन में है ही नहीं. यह चिंता का विषय है.
 
हम यहां बार काउंसिल की चिंता लेकर आए हैं. दाेनाें वकीलाें ने कहा, किताब में ब्यूराेक्रेसी, पाॅलिटिक्स वगैरह काे छाेड़ दिया है. दूसरे सेक्टर्स पर एक शब्द भी नहीं. वे ऐसे पढ़ा रहे हैं जैसे यह सिर्फ इसी इंस्टीट्यूशन में है.इसके जवाब में सीजेआई ने कहा, प्लीज थाेड़ा इंतजार करें.मुझे बार और बेंच दाेनाें से बहुत सारे काॅल, मैसेज आ रहे हैं.सभी हाईकाेर्ट के जज समेत सिस्टम का हर स्टेकहाेल्डर परेशान है. मैं इस मामले काे खुद देखूंगा. कानून अपना काम करेगा. बेंच में शामिल जस्टिस बागची ने भी कहा कि यह किताब बेसिक स्ट्रक्चर के ही खिलाफ लगती है. इसमें काेर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच काे समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनाैतियाें जैसे करप्शन और केस बैकलाॅग काे बताया गया है. करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक काेड ऑफ कंडक्ट से बंधे हाेते हैं, जाे न केवल काेर्ट में बल्कि काेर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार काे कंट्राेल करता है. ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम काे भी समझाया गया है.