पिता और भाई से पैसे वसूलने के लिए अपने ही अपहरण का झूठा नाटक कर 2 लाख रुपये की फिराैती मांगने वाले युवक काे बाणेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है.मनीषकुमार जमनाप्रसाद द्विवेदी (उम्र 21 वर्ष, निवासी- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) गिरफ्तार युवक का नाम है. मनीषकुमार 12वीं कक्षा में अनुत्तीर्ण हाेने के बाद पुणे आकर बाणेर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था. वह 9 फरवरी काे अपने गांव जाने वाला था और उसी दिन उसने फाेन कर घर आने की जानकारी दी थी. लेकिन रात में उसका फाेन बंद हाे गया. 10 फरवरी 2026 काे मनीषकुमार के माेबाइल से उसके पिता और शिकायतकर्ता भाई काे व्हाट्सऐप संदेश प्राप्त हुआ.
संदेश में लिखा था, यदि आप अपने बेटे काे जिंदा देखना चाहते हाे ताे तुम्हारे पास छह घंटे हैं. 2 लाख रुपये का इंतजाम कर लाे. पुलिस काे बताने की काेशिश भी की ताे वह मारा जाएगा.
अगर छह घंटे में पैसे नहीं मिले ताे हम भाई काे मार देंगे.भाई काे उसके जीवन काे खतरा महसूस हुआ और उसने पुणे आकर बाणेर थाने में शिकायत दर्ज कराई. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत और पुलिस निरीक्षक अलका सरग के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई. टीम काे आराेपी और कथित अपहृत युवक की तकनीकी जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए. जांच में पाया गया कि मनीषकुमार घटना के बाद अकेले ही रिक्शा से शहर में घूम रहा था. साथ ही, म्हालुंगे स्थित एक साेसायटी में वह 9, 10 और 12 फरवरी काे कई बार अपने मित्र के पास अकेले जाता हुआ देखा गया. उसके व्यवहार और गतिविधियाें के आधार पर पुलिस काे संदेह हुआ कि उसका अपहरण नहीं हुआ है. आगे की जांच में पता चला कि वह अहमदाबाद गया और वहां से प्रयागराज पहुंचा. इसके बाद सहायक पुलिस निरीक्षक कैलास डाबेराव और अन्य कर्मचारी प्रयागराज पहुंचे.
वहां जानकारी मिली कि वह 12वीं की शेष परीक्षा देने के लिए दूसरे गांव गया है. परिजनाें काे विश्वास में लेकर उसे पुणे लाया गया.इस बीच उसके भाई ने उसके खाते में 10 हजार रुपये भेज दिए थे.23 फरवरी काे पुणे पहुंचने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की. तब उसने स्वीकार किया कि उसने पिता और भाई से पैसे प्राप्त करने के उद्देश्य से अपहरण का झूठा नाटक रचा था. उसने झूठी सूचना देकर 10 हजार रुपये ऑनलाइन प्राप्त किए थे. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक कैलास डाबेराव कर रहे हैं.यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त मनाेज पाटिल, पुलिस उपायुक्त रजनीकांत चुलूमुला और सहायक पुलिस आयुक्त विठ्ठल दबडे के मार्गदर्शन में की गई. इसमें वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कैलास डाबेराव, गणेश रायकर तथा पुलिस कर्मचारियाें ने भाग लिया.