गुलटेकड़ी, 25 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
पवित्र रमजान का महीना और उपवास (रोजा) एक-दूसरे के पूरक हैं. रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर उपवास रखे जाते हैं. इसी कारण उपवास के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार के सूखे मेवों की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है. दिवाली के समय से ही सूखे मेवों की दरें स्थिर बनी हुई हैं, जिसे देखते हुए व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले एक हफ्ते में मांग और भी बढ़ सकती है. मार्केटयार्ड के भुसार बाजार में विभिन्न प्रकार के सूखे मेवे उपलब्ध हैं. आमतौर पर उपवास शुरू होने के पंद्रह दिनों के बाद मेवों की मांग बढ़ना शुरू होती है. इस वर्ष किशमिश को छोड़कर अधिकांश सूखे मेवों की कीमतें स्थिर हैं. उपवास के दौरान मुख्य रूप से काजू, बादाम, किशमिश, चारोली, पिस्ता, अंजीर, अखरोट और केसर की काफी मांग रहती है. गौरतलब है कि, मार्केट यार्ड के होलसेल बाजार में ईरान, इराक और ऑस्ट्रेलिया से बादाम; भारत और अफ्रीका से काजू; सऊदी अरब से खजूर; अफगानिस्तान से खारीक; दुबई और पाकिस्तान से पिस्ता तथा ईरान, इराक, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से किशमिश की आवक हो रही है.
रमजान के उपवास के कारण ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ी
नया किशमिश आना शुरू हुआ रमजान के उपवास के कारण सूखे मेवे की मांग बढ़ गई है. कीमतों में वृद्धि न होने के कारण ग्राहकों से खरीदारी के लिए अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. बाजार में नया किशमिश आना शुरू हो गयी है, जिसके कारण होलसेल बाजार में इसकी कीमतों में प्रति किलो 20 से 25 रुपये की गिरावट आई है. -नवीन गोयल, सूखा मेवा व्यापारी, मार्केटयार्ड.
सूखे मेवों के होलसेल भाव
सूखे मेवे -------------------- भाव (प्रति किलो रुपये)
किशमिश ---------------------- 400 से 500
बादाम ----------------------- 850 से 1,200
काजू ------------------------850 से 1,200
अंजीर ----------------------- 800 से 1,200
चारोलेी ---------------------- 1,800 से 2,200
पिस्ता ----------------------- 1,900 से 2,600
अखरोट ---------------------- 1,200 से 1,800
केसर (ग्राम) -------------------- 280