महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार काे किसानाें के मुद्दे पर जाेरदार हंगामा हुआ. विपक्ष ने किसानाें की समस्याओं, मंत्रालय में कथित रिश्वतखाेरी और कानून-व्यवस्था के मुद्दाें पर सरकार काे जमकर घेरा. जहां कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने आक्रामक रुख अपनाया, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्रफडणवीस ने ड्रग्स और साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भराेसा दिया.सत्र की शुरुआत हाेते ही विपक्षी दलाें ने बेमाैसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुद्दा उठाया. विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार और धनंजय मुंडे ने राज्य के विशेषकर मराठवाड़ा, विदर्भ और काेंकण में हुई बेमाैसम बारिश और ओलावृष्टि पर बाेले. उन्हाेंने बताया कि गेहूं, ज्वार, चना और फलाें की फसलाें काे भारी नुकसान हुआ है.
इसके जवाब में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने तत्काल पंचनामा (नुकसान का सर्वेक्षण) कराने और रिपाेर्ट के आधार पर मदद देने का आश्वासन दिया. इसी बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने अपनी ही सरकार काे चेतावनी देते हुए कहा कि धान पर बाेनस देने का सरकारी आदेश दाे दिन में जारी हाेना चाहिए, अन्यथा भविष्य में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है. उन्हाेंने दाेषी अधिकारियाें के खिलाफ मठाेकाे बिलफ लाने की भी बात कही. सदन में शिक्षकाें के मुद्दे पर भी काफी गरमागरम बहस हुई्.एनसीपी विधायक विक्रम काले ने आराेप लगाया कि शिक्षकाें काे पढ़ाने के बजाय मकुत्ताें की गिनतीफ जैसे अपमानजनक कार्याें में लगाया जा रहा है.