दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन हाे गई है, जिससे पुराने प्रमाणपत्र वालाें काे झटका लगा है. पुराने प्रमाणपत्र बनवाने वाले हजाराें दिव्यांगाें काे दाेबारा मेडिकल जांच करवानी पड़ रही है. मनपा के वाईसीएम हाॅस्पिटल से वर्ष 2023 से नवंबर 2025 तक 4,056 स्मार्टकार्ड उनके घराें तक पहुंचाए गए हैं.सरकार के नए नियमाें के मुताबिक वर्ष 2016 से दिव्यांग प्रमाणपत्र अब सिर्फ ‘यूनिक दिव्यांग आईडी (यूडीआईडी) कार्ड के रूप में जारी किया जाता है. इससे पहले जिला हाॅस्पिटल या अन्य जगहाें से मिलमैनुअल प्रमाणपत्र अब मान्य नहीं हाेंगे.इस पर दिव्यांगाें काे फायदा पाने के लिए दाेबारा अप्लाई करना हाेगा.
वर्ष 2023 में वाईसीएम में ऑर्थाे पेडिक्स, मानसिक स्वास्थ्य, आंखें, कान-नाक-गला, मेडिसिन और बालराेग विभागाें से कुल 2,069 प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं. जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 1,134 हाे गई, वहीं वर्ष 2025 (जनवरी से नवंबर) में सिर्फ 853 प्रमाण पत्र जारी किए गए.दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रक्रिया अब ऑनलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रक्रिया अब ऑनलाइन है. प्रमाणपत्र पांच बड़े विभागाें और कुल 21 तरह की दिव्यांगता के हिसाब से विशेषज्ञ डाॅक्टराें की जांच रिपाेर्ट के आधार पर जारी किया जाता है. नवंबर 2025 तक853 दिव्यांग प्रमाणपत्र बांटे जा चुके हैं. डाॅ. राजेंद्र वाबले, डीन, वाईसीएम हाॅस्पिटल