यत मिलने के बाद किया था. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीमाें ने माेहंती और उनके करीबियाें के कई ठिकानाें पर छापे मारे.विभाग ने मठासाही में माेहंती के पैतृक घर और भुवनेश्वर के पाटिया इलाके वाले फ्लैट पर छापा मारा. भुवनेश्वर वाले फ्लैट से सूटकेस, ट्राॅली बैग और अलमारियाें में नाेटाें के ढेर मिले. इसके अलावा, उसके ऑफिस से 1.20 लाख नकद भी बरामद हुए. नाेटाें की गिनती के लिए करेंसीकाउंटिंग मशीनें लाई गईं.
बिजिलेंस के भुवनेश्वर डिवीजन के एसपी सराेज कुमार समल ने बताया कि अब तक 4.27 कराेड़ की गिनती हाे चुकी है. जांच में सामने आया है कि माेहंती के पास भुवनेश्वर में दाे मंजिला मकान है. इसके अलावा अफसर के नाम करीब 130 ग्राम साेना और 2400 वर्गफीट का प्लाॅट है, जिस पर दाे मंजिला बिल्डिंग बन रही है. माेहंती के नाम 10 बैंक खाते और लाॅकर भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है. विजिलेंस अधिकारियाें ने इसे ओडिशा विजिलेंस के इतिहास की सबसे बड़ी नगद बरामदगी बताया है.इससे पहले विजिलेंस की सबसे बड़ी नगद जब्ती 3.4 कराेड़ थी, जाे 7 अप्रैल 2022 काे गंजाम जिले में लघु सिंचाई विभाग के एक असिस्टेंट इंजीनियर के घर से मिली थी. एसपी समल ने बताया कि माेहंती के खिलाफ 2009 में भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ था. उस मामले की सुनवाई मयूरभंज जिला काेर्ट में अभी चल रही है.