महावितरण काे कृषि क्षेत्र में साैर ऊर्जा हेतु बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवाॅर्ड

    27-Feb-2026
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महावितरण काे राज्य सरकार की मुख्यमंत्री साैर कृषि वाहिनी याेजना 2.0 काे अच्छे से लागू करने के लिए बुधवार (24 फरवरी) काे नई दिल्ली में बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया. यह अवाॅर्ड केंद्रीय न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक की ओर से चीफ इंजीनियर ज्ञानेश कुलकर्णी ने लिया.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गाइडेंस में, 16 हजार डीसेंट्रलाइज्ड साेलर एनर्जी बनाने के लिए मुख्यमंत्री साैर कृषि वाहिनी याेजना 2.0 काे लागू करने का काम चल रहा है. राज्य की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एनर्जी) आभा शुक्ला और महावितरण के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर लाेकेश चंद्रा ने इस स्कीम काे काफी स्पीड दी है.बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवाॅर्ड में सड़क, पाेर्ट, पाॅवर, अर्बन ट्रांसपाेर्ट, पानी वगैरह समेत 8 सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्राेजेक्ट्स काे इवैल्यूएट किया जाता है. इस साल देश में करीब 145 प्राेजेक्ट्स काे इवैल्यूएट करने के बाद, नीति आयाेग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की हेडिंग वाली 25 मेंबर वाली सिलेक्शन कमेटी ने अवाॅर्ड्स के लिए प्राेजेक्ट्स के सिलेक्शन का अनाउंसमेंट किया.
 
इसमें, पाॅवर सेक्टर में मुख्यमंत्री साैर कृषि वाहिनी याेजना 2.0 काे अच्छे से लागू करने के लिए नेशनल लेवल पर महावितरण काे अवाॅर्ड के लिए चुना गया.मुख्यमंत्री साैर कृषि वाहिनी याेजना 2.0, जाे दुनिया का सबसे बड़ा डिस्ट्रिब्यूटेड साेलर एनर्जी प्राेजेक्ट है, ने अब तक 1985 एग्रीकल्चर चैनल्स काे साेलर एनर्जी से एनर्जी दी है और राज्य में 10 लाख 25हजार से ज़्यादा किसानाें काे सिंचाई के लिए दिन में बिजली सप्लाई दी गई है. इस स्कीम से 65 हजार कराेड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट से 70 हजार से ज़्यादा रूरल एम्प्लाॅयमेंट पैदा हाे रहे हैं. साथ ही, महावितरण द्वारा बिजली की खरीद में सालाना 10 हजार कराेड़ रुपये की बचत के साथ-साथ क्राॅस सब्सिडी का सालाना बाेझ 13 हजार 500 कराेड़ रुपये कम हाे जाएगा. इस याेजना के तहत 231 डेवलपर्स तेजी से 16,000 डीसेंट्रलाइज्ड साेलर पावर प्राेजेक्ट लगा रहे हैं. यह जानकारी महावितरण द्वारा दी गई.