महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन घाेषणाओं, तीखी बहसाें और नीतिगत फैसलाें के नाम रहा. एक ओर जहाँ सरकार ने राज्य कर्मचारियाें काे महंगाई भत्ते की साैगात दी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने विभिन्न मुद्दाें पर सरकार काे घेरा. विधान परिषद में राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने सरकारी कर्मचारियाें के लिए एक महत्वपूर्ण घाेषणा की. उन्हाेंने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी और अन्य पात्र कर्मचारियाें कमहंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है. यह वृद्धि जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे अब महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हाे गया है. बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा के दाैरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन काे आश्वस्त किया.
मुंबई में निर्माण कार्याें की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित प्रणालियाें का उपयाेग किया जाएगा. नियमाें का उल्लंघन करने वाले बिल्डराें के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने एक ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम काेर्ट के निर्दे शाें के अनुसार, महिलाओं काे मासिक धर्म के दाैरान छुट्टी देने पर विचार करने के लिए एक समिति नियुक्त की जाएगी.साथ ही, उन्हाेंने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सख्त कानून बनाने और दाेषियाें पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया.सत्र के दाैरान विधायक नितेश राणे के बयानाें ने हलचल मचा दी. उन्हाेंने मालेगांव नगर निगम में नमाज पढ़ने की अनुमति पर सवाल उठाते हुए इसे जिहाद का रूप बताया.