दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु मामले में नया माेड़ आ गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विधायक राेहित पवार ने गुरुवार काे पत्रकाराें से कहा कि मुंबई और बारामती में पुलिस ने उनका एफआईआर दर्ज नहीं किया, लेकिन पुणे स्थित सीआईडी कार्यालय में उनका बयान दर्ज कर लिया गया है. इस दाैरान उन्हाेंने तेलुगु देशम पार्टी के केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम माेहन नायडू से इस्तीफे की मांग की.राेहित पवार ने बुधवार काे मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाने में और गुरुवार सुबह बारामती पुलिस थाने में अजित पवार की मृत्यु के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था. हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया. इसके बाद वह बारामती से पुणे के पाषाण राेड स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे और करीब एक घंटे तक अधिकारियाें काे जानकारी दी.उनके पास माैजूद तथ्याें का बयान जांच अधिकारी के समक्ष दर्ज किया गया.
राेहित पवार ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु के पीछे आपराधिक साजिश या विमान दुर्घटना में ताेड़फाेड़ की संभावना की जांच जरूरी है. उन्हाेंने आराेप लगाया कि डीजीसीए विमान कंपनी वीएसआर एविएशन काे संरक्षण दे रही है. उनका कहना है कि इस कंपनी काे कर्ज देने वाली संस्था से तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के संबंध हैं. चूंकि राम माेहन नायडू के पास उड्डयन मंत्रालय है और डीजीसीए उसी के अधीन जांच कर रही है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है.उन्हाेंने कहा कि यह मामला आगे चलकर सीबीआई काे साैंपा जा सकता है. एफआईआर दर्ज करना नागरिक का अधिकार है और यदि अजित पवार की दुर्घटना में साजिश की आशंका पर भी मामला दर्ज नहीं हाेता, ताे यह गंभीर बात है. उन्हाेंने कहा कि न्याय के लिए वे वरिष्ठ अधिकारियाें और अंततः न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.