पुणे, 3 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) हिंदी आंदोलन परिवार की 313वीं साहित्यिक गोष्ठी शनिवार, 31 जनवरी 2026 को सम्पन्न हुई.यह संस्था की वसंत-पंचमी विशेष गोष्ठी थी. माँ शारदा की वंदना एवं उनके बीज मंत्र के सामूहिक पाठ से पूजन सम्पन्न हुआ. विभिन्न विषयों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने करतल ध्वनि के माध्यम से समर्थन दिया. कविता, गीत, लघुकथा, कहानी, संस्मरण, माहिया, कुंडलियां, घनाक्षरी आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएँ प्रस्तुत की गईं. प्रमुख रचनाकारों एवं अतिथियों में सुधा भारद्वाज, संजय भारद्वाज, वीनु जमुआर, ऋता सिंह, मेजर सरजूप्रसाद, आशु गुप्ता, अलका अग्रवाल, डॉ. रजनी रणपिसे, अपर्णा कडसकर, नरेंद्र कौर छाबड़ा, पुष्पा भंटार, कंचन त्रिपाठी, कृष्णकुमार गुप्ता, आदर्शिनी श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति कृष्ण, डॉ. कृष्ण कुलश्रेष्ठ, अनूप सक्सेना, गीतिका द्विवेदी, गौतमी चतुर्वेदी पाण्डेय, वेदस्मृति कृति, सुधीर कुमार मिश्रा, डॉ. निर्मला राजपूत, रेखा सिंह, डॉ. मंजू चोपड़ा, सुनील जोशी, डॉ. सुदर्शन मनचंदा, मीरा गिडवानी, डॉ. निशा कुलश्रेष्ठ, नीलम छाबरिया, एड. बाबासाहेब लोधी, चित्रा मेहता, अभय श्रीवास्तव, अभिषेक पाण्डेय, कृष्णचन्द्र मिश्रा, वल्लरी गोयल, आशा गुप्ता, चंद्रकांत द्विवेदी, दिवाकर सिंह, सौ. मीना भारद्वाज, पूजा भारद्वाज, भूमिका भारद्वाज, कृतिका भारद्वाज, जाह्नवी भारद्वाज, अव्यान पाण्डेय आदि सम्मिलित थे. गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. रमेश गुप्त मिलन ने की. माया मीरपुरी एवं डॉ. कांतिदेवी लोधी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं. गोष्ठी का प्रवाही संचालन हिंदी आंदोलन परिवार के अध्यक्ष संजय भारद्वाज ने किया. उल्लेखनीय है कि हिंदी आंदोलन परिवार विगत 31 वर्षों से भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत पुणे की सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था है. संस्था प्रतिमाह बहुभाषी साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन करती है.