लवले, 3 फरवरी (आ. प्र.) सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज संकाय द्वारा अपने घटक सिम्बायोसिस सेंटर फॉर हेल्थ स्किल्स के माध्यम से 5 से 7 फरवरी तक सिमुलेशन महोत्सव का आयोजन किया गया है. SIU के लवले कैंपस में आयोजित इस 3 दिवसीय SYM-SIM 2.0 अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में चिकित्सा, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर शिक्षा में शैक्षणिक निर्देश के शिक्षाशास्त्र के रूप में सिमुलेशन के आगमन का उत्सव मनाएंगे. मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज संकाय के प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. राजीव येरवड़ेकर और डॉ. पराग रिशीपाठक ने मंगलवार (3 फरवरी) को पत्रकार भवन में हुए प्रेस कांन्फ्रेंस में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य भारत और दुनिया भर के शिक्षकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के दिग्गजों और स्वास्थ्य पेशेवरों को एक साथ लाना है, ताकि स्वास्थ्य देखभाल प्रशिक्षण में सिमुलेशन-आधारित शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके, जो अंततः रोगी सुरक्षा और रोगी कल्याण में परिवर्तित होता है. विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा और नेटवर्किंग सत्रों का मुख्य केंद्र सिमुलेशन-आधारित शिक्षा में उभरती प्रौद्योगिकियों का एकीकरण समेत अन्य दृष्टिकोणों को अपनाना होगा. यह महोत्सव स्वास्थ्य देखभाल सिमुलेशन के सामाजिक और नैतिक आयामों पर भी प्रकाश डालेगा, जिसमें न्यायसंगत प्रशिक्षण, नैतिक चिकित्सा पद्धतियों और कमजोर रोगी आबादी की रक्षा के प्रति संस्थागत जिम्मेदारी पर जोर दिया जाएगा. इस भव्य आयोजन में यूके, यूएसए, सिंगापुर, इजराइल, ओमान और यूएई के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ता रिसोर्स पर्सोनेल के रूप में भाग ले रहे हैं.
रोगी कल्याण की व्यापक अवधारणा पर जोर प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. राजीव येरवड़ेकर ने बताया, जबकि रोगी सुरक्षा एक वैेिशक प्राथमिकता बनी हुई है, सिम्बायोसिस रोगी कल्याण की व्यापक अवधारणा पर जोर देता है. सिमुलेशन-आधारित शिक्षा स्वास्थ्य पेशेवरों को रोगी की गरिमा से समझौता किए बिना दक्षता हासिल करने में सक्षम बनाती है, जिससे नैतिक, रोगी-तैयार और सामाजिक रूप से जिम्मेदार देखभाल सुनिश्चित होती है.
टीम-आधारित प्रशिक्षण का अनुभव मिलेगा शैक्षणिक कार्यक्रम में उन्नत सिमुलेशन उपकरणों और टास्क ट्रेनर्स का उपयोग करके हैंड्स-ऑन (व्यावहारिक) कार्यशालाएं शामिल होंगी. ये प्रतिभागियों को स्वास्थ्य देखभाल विषयों में प्रक्रियात्मक कौशल, नैदानिक निर्णय लेने और टीम- आधारित प्रशिक्षण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी. इसका उद्देश्य नैदानिक और गैर-नैदानिक दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य पेशेवरों का कौशल विकास, कौशल उन्नयन और पुन: कौशल विकास करना है.