MSME के डिजिटल परिवर्तन हेतु विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी में महत्वपूर्ण पहल

डीएक्स-एज के साथ समझौता किया; अनुभवात्मक शिक्षा के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

    04-Feb-2026
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 पुणे, 3 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

पुणे शहर के अग्रणी यूनिवर्सिटी के रूप में प्रतिष्ठित वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी में डिजिटल एक्सीलेंस फॉर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज (DX-EDGE) पहल शुरु की गई है. यह पहल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल परिवर्तन, बाजार तक पहुंच और सतत विकास प्राप्त करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अवसर पर वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी और DXEDGE के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान मंगलवार (30 जनवरी) को यूनिवर्सिटी परिसर में किया गया. बताया गया कि इसके माध्यम से डिजिटल क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी अपनाने, उद्योग-संवाद तथा छात्रों और एमएसएमई के लिए अनुभवात्मक शिक्षा के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग स्थापित किया गया है. कार्यक्रम में उद्योग जगत के अधिकारी, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा शैक्षणिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. मुकुंद कुलकर्णी ने कहा, ज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन के समन्वय से वेिशविद्यालयों को औद्योगिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. DXEDGE के साथ इस सहयोग के माध्यम से वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के विकास में सहायता करेगा. वर्तमान में यूनिवर्सिटी के लगभग 50 छात्र और 10 अध्यापक पुणे के इन उद्योगों के साथ उनकी डिजिटल परिवर्तन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं. डिजिटल एक्सीलेंस फॉर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज पहल के प्रमुख शिवाजी सेन ने कहा, यह पहल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए प्रारंभिक चरण से लेकर वास्तविक कार्यान्वयन तक की संपूर्ण डिजिटल परिवर्तन यात्रा है, जिसमें डिजिटल जागरूकता, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी अपनाना और मापनीय व्यावसायिक परिणाम शामिल हैं. कार्यक्रम में वाईआई पुणे के चैप्टर चेयर योगेश देसाई तथा हर्षवर्धन गुणे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-आधारित व्यावसायिक मॉडलों और उन्नत इंजीनियरिंग समाधानों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया. प्रदर्शनों और नेटवर्किंग सत्रों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. इस पहल के माध्यम से सीआईआई और वेिशकर्मा वेिशविद्यालय ने एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप प्रौद्योगिकी- आधारित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया. कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में एआई फॉर एंटरप्रेन्योर्स विषय पर एक मास्टर क्लास शामिल थी, जिसे पीओएमओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रणीत दत्ता ने संचालित किया. साथ ही TCS iON, 63S TS Cybertech और AuditorsDesk द्वारा प्रस्तुत सत्रों के माध्यम से उद्योगों को एठझ, साइबर सुरक्षा, ऑटोमेशन और अनुपालन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधानों की जानकारी प्राप्त हुई. डीएक्स-एज के साथ समझौता किया; अनुभवात्मक शिक्षा के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा.  
 
  शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण

- DX-EDGE, भारतीय उद्योग परिसंघ के नेतृत्व में संचालित एक राष्ट्रीय सार्वजनिकनिजीशैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए समावेशी डिजिटल परिवर्तन को सक्षम बनाना है. इस पहल में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ज्ञान और नवाचार भागीदार के रूप में कार्य करती हैं. कौशल विकास, अनुप्रयुक्त शिक्षा, छात्रों के नेतृत्व वाले समाधान तथा प्रौद्योगिकी पायलट परियोजनाओं के माध्यम से लघु उद्योगों को डिजिटल उपकरणों को संरचित और सतत तरीके से अपनाने में सहायता प्रदान की जाती है.
 
संगठनात्मक क्षमताओं का विकास भी आवश्यक
वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने प्रौद्योगिकी के साथ-साथ मानव संसाधन में निवेश के महत्व पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल परिवर्तन की सफलता केवल प्रौद्योगिकी के क्रियान्वयन से संभव नहीं है, बल्कि संगठनात्मक क्षमताओं का विकास भी उतना ही आवश्यक है. यह पहल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उपयोगी डिजिटल उपकरणों का लाभ प्रदान करती है तथा कुशल मानव संसाधन के निर्माण के अवसर भी सृजित करती है.