मुंबई, 5 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) कानूनी शिक्षा केवल किताबी या सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर प्रत्यक्ष कौशल और व्यावहारिक अनुभव पर आधारित होनी चाहिए, ऐसा विचार लॉ नेटवर्क फोरम के दौरान आयोजित चर्चा सत्र में उभरकर सामने आया. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MITWPU) द्वारा इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन मुंबई में किया गया था. इस अवसर पर शिक्षण में आधुनिक उपकरणों का उपयोग, ड्राफ्टिंग का प्रशिक्षण, और इंटर्नशिप की संख्या के बजाय उनकी गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. चर्चा में यह भी सुझाव दिया गया कि विद्यार्थियों को कानून के किसी एक विशेष क्षेत्र को चुनने से पहले विभिन्न प्रकार के प्रैक्टिस एरिया का अनुभव लेना चाहिए, ताकि वे अपने करियर के लिए सही निर्णय ले सकें. यह कार्यक्रम 31 जनवरी को मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित किया गया था, जिसमें कानून के क्षेत्र के प्रतिष्ठित वकील और शिक्षाविद् शामिल हुए थे. इस फोरम में दो महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई, जिसमें कानूनी शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के बीच की खाई को कम करना तथा कानूनी शिक्षा और व्यावसायिक कौशल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( ख) का उपयोग: अवसर और चुनौतियों का समावेश था. कानूनी शिक्षा में सुधार और तकनीक के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर विचार-मंथन करने के लिए यह फोरम एक प्रभावी मंच साबित हुआ. पहले सत्र में कानूनी शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के बीच की खाई विषय पर पहली पैनल चर्चा का संचालन डॉ.संतोष आघाव (डीन, स्कूल ऑफ लॉ,एमआईटी डब्ल्यूपीयू) द्वारा किया गया. वहीं दूसरे सत्र में कानूनी शिक्षा और कानून के पेशे में एआई का उपयोग विषय पर दूसरे पैनल चर्चा सत्र का समन्वय मानस मोहंती, डॉ. पूर्णिमा इनामदार और शोभना आनंद ने किया. इस फोरम में बॉम्बे हाईकोर्ट के एड.सौरभ पाटिल,एड. प्रकाश सालसिंगिकर,एड.वैभव गुप्ता,एड. केवल शाह, एड. अभिजीत कासबेकर,एड.बुर्जिन सोमंडी,एड.अमेय रणदे, एड.सुधीर वाकुरे, एड.चिराग नाइक, एड. शिल्पा शर्मा, एड. रश्मि देशपांडे, एड.अतुल जुवले,एड.खुशनुमा खान, एड.अभिनीत पांगे सहित कानून के क्षेत्र की कई अन्य गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं. लॉ नेटवर्क फोरम का आयोजन डॉ.संतोष आघाव (प्रोफेसर और डीन, स्कूल ऑफ लॉ, एमआईटी डब्ल्यूपीयू), डॉ.पूर्णिमा इनामदार (एसोसिएट डीन- विद्यार्थी विकास, स्कूल ऑफ लॉ, एमआईटी डब्ल्यूपीयू), और डॉ.मानस मोहंती (निदेशक, सीआईएपी, एमआईटी डब्ल्यूपीयू) के मार्गदर्शन में किया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रो.आयुष मिश्रा (सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ लॉ), प्रो. शुभी त्रिवेदी (स्कूल ऑफ लॉ), शोभना आनंद (प्रबंधक, सीआईएपी), वैदेही सूर्यवंशी (प्रबंधक, सीआईएपी), भक्ति तिठे (सहायक प्रबंधक, सीआईएपी), और विकास वाघमारे (प्रबंधक, प्रशिक्षण एवं विकास विभाग, सीडीसी, एमआईटी डब्ल्यूपीयू) ने विशेष योगदान दिया.