‌‘जय गणेश पालकत्व योजना' छात्रों के सपनों को बल देती है

योजना की लाभार्थी व पूर्व छात्रा पुलिस उपनिरीक्षक पूजा राऊत ने व्यक्त किए विचार

    06-Feb-2026
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तिलक रोड, 5 फरवरी (आ.प्र.)

पालकत्व (अभिभावकत्व) शब्द का अर्थ बहुत व्यापक है. किसी का आधार होना वास्तव में क्या होता है, यह मुझे जय गणेश पालकत्व योजना से समझ आया. आप गरीब हैं, इसलिए सपने नहीं देख सकते,ऐसा विचार मन में न लाएं. आपके साथ में बाप्पा का आशीर्वाद है, बस आपकी मेहनत करने की तैयारी होनी चाहिए. जय गणेश पालकत्व योजना विद्यार्थियों के सपनों को बल देने वाली योजना है, ऐसे विचार इस योजना की पूर्व छात्रा और वर्तमान में मुंबई के साकीनाका पुलिस स्टेशन में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक पूजा राउत ने व्यक्त किए. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से जय गणेश ज्ञानवर्धन अभियान के अंतर्गत जय गणेश विद्यार्थी पालकत्व योजना (अभिभावकत्व योजना) चलाई जाती है. हाल ही में इस योजना के विद्यार्थियों के लिए तिलक स्मारक मंदिर में एक स्नेह-सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, उत्सव प्रमुख अक्षय गोड़से, सुवर्णयुग तरुण मंडल के मंगेश सूर्यवंशी, राजाभाऊ पायमोडे, पालकत्व योजना के विजय भालेराव, अजय मोझर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. योजना के विद्यार्थियों ने पारंपरिक, ऐतिहासिक और देशभक्ति गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों की भरपूर सराहना मिली. सुनील रासने और अक्षय गोड़से ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया. प्रस्तावना देते हुए महेश सूर्यवंशी ने कहा, जरूरतमंद विद्यार्थियों के सपनों को बल देकर,उनके भविष्य को उज्ज्वल दिशा देने वाली जय गणेश पालकत्व योजना आज समाज में परिवर्तन का दीप प्रज्वलित कर रही है.  
 
विद्यार्थियों के जीवन को संवारा

 जय गणेश ज्ञानवर्धन अभियान के अंतर्गत वर्ष 2010 में शुरू हुए इस उपक्रम ने मराठी स्कूलों के सैकड़ों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के जीवन को संवारा है. ट्रस्ट ने मराठी स्कूलों से 500 से अधिक जरूरतमंद और होनहार विद्यार्थियों का चयन कर उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की है. इस योजना के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी कर आगे बढ़े कई विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं.