‌‘स्वर को भगवान मानकर संगीत की सेवा करता हूं'

प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने भावनाएं व्यक्त की

    06-Feb-2026
Total Views |

bfb


कोथरुड, 5 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

संगीत से ईेशर होता है. मैं संगीत के जरिए लोगों से बात करता हूं. धुनों को समझना जरूरी है और गुरु के चरणों में समर्पित करने से ज्ञान का रास्ता खुलता है. स्वर ही भगवान है, यही मानकर मैं संगीत की सेवा करता हूं, ऐसी भावनाएं प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने व्यक्त की. वे एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा आयोजित भारत अस्मिता नेशनल अवॉर्ड-2026 के कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस कार्यक्रम में एंटरप्रेन्योरशिप में विशेष योगदान के लिए प्रो. डॉ. श्रीवर्धनी के झा को भारत अस्मिता आचार्य श्रेष्ठ पुरस्कार, तमिलनाडु की युवा सांसद ज्योतिमणि सेन्निमलाई को भारत अस्मिता जन प्रतिनिधि श्रेष्ठ पुरस्कार, वरिष्ठ अभिनेता डॉ.मोहन आगाशे और भारतीय क्लासिकल म्यूजिक को दुनिया भर में फैलाने के लिए प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान को भारत अस्मिता जन जागरण श्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.डॉ. वेिशनाथ दा.कराड़ ने निभाई.वहीं मशहूर वैज्ञानिक डॉ. रघुनाथ माशेलकर मुख्य अतिथि के रूप में, साथ ही एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष और भारत अस्मिता नेशनल अवॉर्ड कमेटी के कन्वीनर डॉ.राहुल वेिशनाथ कराड़, ह.भ.प. तुलसीराम दा.कराड़, डब्ल्यूपीयू के वाइस चांसलर डॉ.आर.एम.चिटणीस और सीएओ डॉ.प्रसाद खांडेकर मौजूद थे. डॉ. रघुनाथ माशेलकर ने कहा, हम साल 2047 तक एक विकसित भारत का विजन पेश कर रहे हैं. समाज के लिए काम करने वाले सभी पुरस्कार विजेताओं को आदर्श मानते हुए सभी लोगों को सामाजिक काम करना चाहिए. प्रो. डॉ. वेिशनाथ दा. कराड़ ने कहा, वर्तमान दौर में वैल्यू बेस्ड एजुकेशन सिस्टम जरूरी है.छात्रों को अपने बड़ों से लगातार सीखते रहना चाहिए. डॉ.राहुल वेिशनाथ कराड़ ने कहा, भारत अस्मिता अवॉर्ड हमारे देश को गर्व महसूस करने का एक तरीका है. प्रो. गौतम बापट ने संचालन और कुलपति डॉ.आर.एम. चिटणीस ने आभार व्यक्त किया.