भारती विद्यापीठ इंजीनियरिंग कॉलेज का शानदार प्रदर्शन

प्रतिष्ठित ‌‘इंद्रधनुष"अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड चैलेंज में द्वितीय स्थान मिला

    07-Feb-2026
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पिंपरी, 6 फरवरी (आ.प्र.)

इंद्रधनुष्य अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड चैलेंज 202526 में भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया है. यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पिंपरीचिंचव ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें एआई फॉर क्लाइमेट चेंज की अवधारणा के अंतर्गत सर्कुलर इकोनॉमी एंड वेस्ट मैनेजमेंट विषय पर देशभर से एक हजार से अधिक टीमों ने भाग लिया. कॉलेज की इकोलूपर टीम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित ऑडियोसक्षम स्मार्ट कचरा पात्र विकसित किया है, जो कचरा डालते समय उत्पन्न ध्वनि संकेतों का विश्लेषण कर प्लास्टिक, धातु, कांच और कागज का स्वचालित वर्गीकरण करता है. यह प्रणाली सार्वजनिक स्थानों पर कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही मानवीय हस्तक्षेप को कम करने में सहायक सिद्ध होगी. इस नवाचार के लिए टीम को 60 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया. इस परियोजना को अर्चना एंजेल, अरविंद जी, नीशु कुमारी, ईशिका नारायण और आदित्य गौर ने विकसित किया है. उन्हें डॉ. तनुजा सतीश ढोपे, डॉ. धीरज धाने और प्रा. रुपाली आंबेकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. टीम ने इस सफलता के लिए कुलपति डॉ. शिवाजीराव कदम, कुलगुरु डॉ. विवेक ए. सावजी, कार्यवाह डॉ. वेिशजीत कदम, कार्यकारी संचालक सौ. अस्मिता जगताप, प्राचार्य डॉ. राजेश प्रसाद तथा उपप्राचार्य डॉ. सचिन चव्हाण और डॉ. सुनीता जाधव के सहयोग और प्रेरणा के प्रति आभार व्यक्त किया. प्राचार्य डॉ. राजेश प्रसाद ने कहा कि नवाचार आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने में सक्षम बनाती है. वहीं कुलगुरु डॉ. विवेक ए. सावजी ने इस उपलब्धि को वेिशविद्यालय के अनुभव आधारित शिक्षण और रूपांतरकारी अनुसंधान का परिणाम बताया.