संसद में शुक्रवार काे भारी हंगामे से लाेकसभा की कार्रवाई साेमवार तक स्थगित कर दी गई. 8 सांसदाें के सस्पेंशन, ट्रेड डील सहित कई मुद्दाें काे लेकर विपक्ष लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन किया. पहली बार केवल 3 मिनट तथा दूसरी बार 7 मिनट की कार्रवाई के बाद संसद 9 फरवरी तक स्थगित कर दिया गया. वहीं स्पीकर ओम बिरला ने लगातार हंगामे से नाराजगी जताई. वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में भी भारी हंगामे के बीच साेमवार तक के लिए ठप कर दिया है.केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा.
आज पीएम की पाठशाला थी, जिसमें बच्चाें काे कामयाब हाेना बताया गया. अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं ताे जिंदगी में कामयाब हाे जाएंगे.गुरुवार काे लाेकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास कर दिया गया. लाेकसभा में2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है. वहीं राज्यसभा में पीएम नरेंद्र माेदी के भाषण के बाद प्रस्ताव पास हुआ था. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, हम जब 2014 में सरकार में आए तब पारदर्शिता पारदर्शिता थी. लेकिन इस देश के बच्चाें काे ये नहीं पता कि इस देश में आज जाे भी समस्याएं हैं वाे नेहरू, गांधी परिवार की देन हैं.