प्रफुल्लित रहकर युद्ध के खिलाफ काम करें

    07-Feb-2026
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Osho 
 
उसने पढ़ाते वक्त उनकाे कहा कि जब तुम स्वर्ग का वर्णन करने लगाे, तुम कहीं उपदेश करने जाओ और बाइबिल में स्वर्ग का वर्णन आ जाए ताे तुम प्रसन्नता जाहिर करना, चेहरे पर हंसी ले आना, आंखाें में ताजगी ले आना, राेशनी ले आना. एकदम प्रुल्लित हाे जाना, ताकि लाेग समझ सकें कि स्वर्ग के वर्णन से तुम्हारा हृदय प्रुल्लित हाे गया. एक युवक ने खड़े हाेकपूछा, और जब नर्क का वर्णन करना पड़े? ताे ाेसडेग ने कहा, तुम्हारी जाे सूरत है, उससे ही काम चल जाएगा और कुछ सूरत बनाने की काेशिश मत करना. हम सबकी सूरतें जैसी हैं, वैसे से नर्क का काम चल जाएगा. उसके लिए काेई और विशेष सूरत बनाने की जरूरत नहीं है.
 
जमीन करीब-करीब दुःखी, उदास, पीड़ित उस स्थिति में पहुंच गयी है कि किसी मनुष्य काे भीतर जीवन में न ताे काेई रस है, न काेई आनंद है. िफर एक ही रस है कि वह दूसरे काे सताए, दूसरे काे परेशान करे.जीवन में आनंदित रहने का चुनाव करें.यह पहली बात है जाे मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं. अगर आप प्रुल्लित और आनंदित हैं, अगर आप अपने जीवन में चाैबीस घंटे खुशी बिखेर रहे हैं, ूल बिखेर रहे हैं, खुशबू और सुगंध बिखेर रहे हैं ताे आप युद्ध के खिलाफ काम कर रहे हैं.आप एक ऐसी दुनिया के बनाने के काम में लगे हुए हैं, जहां युद्ध नहीं हाे सकेंगे.