मुंबई, 6 फरवरी (वि.प्र.) पश्चिमी रेलवे ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच बिना टिकट यात्रियों से 172.55 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 47% अधिक है. अकेले जनवरी 2026 में 2.82 लाख मामले पकड़े गए, जिससे 17 करोड़ की आय हुई. एसी लोकल और उपनगरीय नेटवर्क पर शिकंजा मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में कड़ी निगरानी के चलते जनवरी में 1.02 लाख मामलों से 4.34 करोड़ वसूले गए. विशेष रूप से एसी लोकल ट्रेनों में अनधिकृत यात्रा रोकने के लिए चलाए गए अभियान में 1 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनसे 3.38 करोड़ का जुर्माना मिला. यह पिछले साल के मुकाबले 97% की भारी वृद्धि दर्शाता है. फर्जी वर्चुअल पास का पर्दाफाश टिकट चेकिंग के दौरान एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया. मुंबई सेंट्रल की मुख्य टिकट निरीक्षक दीपिका मूर्ति ने विरार जाने वाली ट्रेन में एक महिला यात्री को फर्जी डिजिटल पास के साथ पकड़ा. जांच में पता चला कि वह व्हाट्सएप पर साझा किए गए एक फर्जी यूटीएस एप्लिकेशन का उपयोग कर रही थी. आरोपी महिला को बांद्रा स्टेशन पर उतारकर रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया.