भूगाव, 7 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) विकसित भारत 2047 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है. उन्होंने नई एजुकेशन पॉलिसी लाई हैं जो कोलोनियल सोच को तोड़ती है. स्किल इंडिया नारे के मुताबिक स्टूडेंटस को जॉब के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि स्किल्ड एजुकेशन के आधार पर जॉब क्रिएटर बनना चाहिए, ऐसे विचार केरल के राज्यपाल राजेंद्र आर्ले कर ने रखे. फ्यूल ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन द्वारा कैंपस में आयोजित सालाना कॉन्क्लेव और फ्यूचर स्किल्स समिट में वे बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. यहां फ्यूल ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. केतन देशपांडे, सीओओ मयूरी देशपांडे तथा अन्य गणमान्य मौजूद थे. कार्यक्रम में इंडिया के सोशल स्टॉक एक्सचेंज फ्रेमवर्क के तहत फ्यूल के अहम पड़ावों की भी घोषणा की गई. डॉ. केतन देशपांडे को शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनोखे काम के लिए राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने खास तौर पर सम्मानित किया. डॉ. केतन देशपांडे ने कहा, मेरा मानाना है कि टैलेंट हर जगह है, लेकिन उसे सही मौका नहीं मिलता. फ्यूल के पिछले 20 सालों के सफर में यह पाया गया है कि जब अच्छी शिक्षा और सम्मान को नौकरी से जोड़ा जाता है, तो पिछड़े युवा भारत के विकास में आत्मवेिशास से योगदान दे सकते है. वीडियों संदेश के जरिए राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि, नई एजुकेशन पॉलिसी में स्किल डेवलपमेंट के जरिए इंडस्ट्री के लिए कुछ करने की कोशिश करेंगे. कार्यक्रम का संचालन सानिका निर्मल ने किया.