स्वामित्व पिरयोजना के 25 हजार प्रॉपर्टी कार्ड फाइनल

राज्य में 10 स्थानों पर नक्शा परियोजना द्वारा सर्वेक्षण पूरा किया गया : ड्रोन सर्वेक्षण करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य

    01-Mar-2026
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आलंदी रोड, 28 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
प्रॉपर्टी के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने के उद्देश्य से देश भर में नक्शा(नेशनल जीयोस्पेटिकल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबीटेशन) पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया. इस में महाराष्ट्र सबसे आगे है, अब तक 10 जगहों का ड्रोन सर्वेक्षण नक्शा प्रोजेक्ट द्वारा मैपिंग की गयी है. स्वामित्व परियोजना के तहत 25000 प्रॉपर्टी कार्ड फाइनल किए गए हैं और लैंड एक्यूरेसी के लिए देश भर में 1000 सीओआरएस स्टेशन(कंटिन्युसली ऑपरेटिंग रेफरन्स स्टेशन) स्थापित किए गए है. इनमें से महाराष्ट्र में 85 स्थानों पर सीओआरएस स्टेशन स्थापित किए गए हैं. भारतीय सर्वेक्षण विभाग, पुणे के कार्यालय ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (28 फरवरी) को मनाया. इस वर्ष के समारोह का विषय, विज्ञान में महिलाएं : विकसित भारत को उत्प्रेरित करना यह था. प्रदर्शनी का उद्घाटन भारतीय सर्वेक्षण विभाग पुणे कार्यालय के निदेशक अमरेंद्रकुमार सिंह, उप अधीक्षक सर्वेक्षक यशवंत के राठोड, लेखाधिकारी बी.के. सोनपराते, अधिकारी सर्वेक्षक एस.के.धोटे और अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति में हुआ. महाराष्ट्र में नक्शा पायलट प्रोजेक्ट के तहत वरणगांव, शिर्डी, खोपोली, बारामती, पंढरपुर, शेगांव, कन्नड, बदलापुर, मुर्तिजापुर, घुग्गुस इन 10 जगहों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया गया है. प्रदर्शनी में पारंपारिक उपकरणों से लेकर अत्याधुनिक प्रणालियों तक सर्वेक्षण और भूस्थानिक प्रौद्योगिकियों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई. जीएनएसएस आरटीके रिसीवर, रोबोटिक टोटल स्टेशन, सर्वेक्षण ग्रेड ड्रोन और थ्री डी फोटोग्रामेट्रिक उपकरण जैसे उन्नत उपकरणों का प्रदर्शन शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों के आगंतुकों के लिए गया था. राजनीतिक मानचित्र, रेलवे मानचित्र, स्थलाकृतिक मानचित्र, राज्य मानचित्र, नारकोटिक्स विभाग के परियोजना मानचित्र सहित हार्ड कॉपी मानचित्र उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए. आधुनिक भूमाप प्रौद्योगिकी सीओआरएस निरंतर संचालित संदर्भ स्टेशन नेटवर्क प्रणाली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण था. निदेशक अमरेंद्रकुमार सिंह ने स्वामित्व परियोजना और नक्शा परियोजना पर जानकारी दी. ड्रोन सर्वेक्षण, जीएनएसएस आधारित स्थिति निर्धारण, सीओआरएस नेटवर्क सहित नवीनतम भूस्थानिक प्रौद्योगिकियों का इन प्रमुख परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए प्रभावी रूप से उपयोग किया जा रहा है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य सटीक संपत्ति अभिलेख उपलब्ध कराना, भूमि प्रशासन में पारदर्शिता बढाना, ग्रामीण और शहरी नागरिकों को सशक्त बनाना है.  
 
विभाग में बहुत ही परिवर्तन आया : अमरेंद्रकुमार सिंह
भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने महाराष्ट्र का मैप हिंदी,अंग्रेजी,मराठी में और गोवा का मैप कोंकणी भाषा में भी प्रकाशित किया है. कोंकणी भाषा में पहली बार मैप बनाए गए हैं. नागपुर में जीरो माइलेज पर म्यूजियम बनाया जा रहा है. आईएएस ऑफिसर हितेश के एस मखवाना के मार्गदर्शन में अब भारतीय सर्वेक्षण विभाग में बहुत ही परिवर्तन आया है. हम ट्रेनिंग भी देते हैं. इस बीच 28 फरवरी को आयोजित प्रदर्शनी को स्कूल,कॉलेज के छात्रों सहित नागरिकों ने भी बडी संख्या में भेंट दी. यह जानकारी निदेशक अमरेंद्रकुमार सिंह ने दी.