समर्पण और एकाग्रता से बनता है आदर्श डिजाइनर : डॉ. संजय चोरडिया

सूर्यदत्त संचालित पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड टेक्नोलॉजी की द्वारा‌‘ऑरा-2026" प्रदर्शनी में कहा

    01-Mar-2026
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पुणे, 28 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
जापानी संस्कृति, भारत-जापान मैत्री के प्रतीक ओकायामा उद्यान की झलक, आकर्षक व कलात्मक डिजाइन और उनका उत्कृष्ट प्रस्तुतिकरण विद्यार्थियों ने बेहद सुंदर ढंग से किया है.आसपास की अनुपयोगी वस्तुओं से आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर उनका प्रदर्शन करना सराहनीय पहल है. ऐसे प्रोजेक्ट प्रदर्शन विद्यार्थियों में कला- कौशल और टीम भावना विकसित करते हैं, यह मत प्रसिद्ध वास्तुकार आशीष सचदे ने व्यक्त किया. भैरवी सचदे ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने आसपास के वातावरण को समझते हुए नवीन, कलात्मक और शोशत विकास की अवधारणाओं पर काम करना चाहिए.वहीं निलय पारेख ने अपेक्षा जताई कि विद्यार्थी नवीन संरचना, लीक से हटकर सोच और कलात्मकता को अपनाएं. सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा कि संस्था सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को मंच देने पर जोर देती रही है. विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले और वर्षभर किए गए कार्य का सम्मान हो, इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा आयोजित ऑरा-2026 सजावट प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर वे बोल रहे थे.यह प्रदर्शनी का 21वां वर्ष है और इस बार इसकी संकल्पना जापान की संस्कृति पर आधारित है. जापानी शैली पर आधारित प्रदर्शनी ने आगंतुकों को आकर्षित किया.फूलों की सजावट, सुमो प्रकृतियाँ, आकर्षक रंग संयोजन, संतुलित संरचना, थ्री-डी प्रस्तुति और डिजाइन शीट्स ने सभी का ध्यान खींचा.विद्यार्थियों की सृजनशीलता तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन की झलक इसमें स्पष्ट दिखी.प्रदर्शनी में रेजिडेंशियल और कमर्शियल इंटीरियर डिजाइन, सिंगल लाइन प्लानिंग से लेकर फर्नीचर लेआउट, हॉस्पिटल डिजाइन, विभिन्न थीम वाले रेस्टोरेंट, शोरूम और गैलरी डिजाइन जैसे प्रकल्प प्रदर्शित किए गए हैं. तिलक रोड स्थित अभिनव कॉलेज के पास निखिल प्राइड इमारत में आयोजित यह प्रदर्शनी 1 मार्च तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक नि:शुल्क खुली रहेगी. उद्घाटन समारोह में वास्तव्य आर्किटेक्ट्स के निलय व निधि पारेख, यूनिसन डिजाइधस की भैरवी सचदे, संस्थान के प्राचार्य प्रा. अजित शिंदे, प्रा. मंदार दिवाने, प्रा. पल्लवी पुरंदरे, प्रा. अनिकेत नाइकरे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे.जापानी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र रही. निधि और निलय पारेख ने विद्यार्थियों की कला की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनी विद्यार्थियों को नए विचारों के लिए प्रेरित करती है और टीमवर्क का महत्व समझाती है.पाठ्यपुस्तक ज्ञान के साथ प्रायोगिक अनुभव मिलने पर वे व्यावसायिक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. प्राचार्य अजित शिंदे ने आयोजन की भूमिका बताते हुए विद्यार्थियों की सराहना की और कहा कि संस्थान हर वर्ष नवीन थीम पर प्रदर्शनी आयोजित करता है.इस बार जापानी संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयास से साकार की है, जिससे भारतजापान मैत्री संबंधों की जानकारी भी उन्हें मिली. प्रदर्शनी का सफल आयोजन पल्लवी पुरंदरे और अनिकेत नाइकरे के मार्गदर्शन में किया गया.  
 
PIAT में हमारे विशिष्ठ जापानी प्रतिनिधियों की मेजबानी करना गौरव का विषय रहा - रचनात्मकता, संस्कृति और डिजाइन उत्कृष्ठता का एक सुंदर आदान-प्रदान. “मंच पर (पीछे की पंक्ति, दाएं से बाएं)ः प्राचार्य प्रो. अजीत शिंदे, आर्किटेक्ट निधि पारेख, आर्किटेक्ट निलय पारेख, सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं चेयरमैन डॉ. संजय बी. चोरडिया, आर्किटेक्ट आशीष, आर्किटेक्ट भैरवी सचदे, अनिकेत नाइकरे, सामने की पंक्ति (दाएं से बाएं) ः प्रो. पल्लवी पुरंदरे, सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन की उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा एस. चोरडिया जापानी प्रतिनिधियों के साथ. 
 
विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई यह प्रदर्शनी में उनकी मेहनत स्पष्ट दिखाई देती है. पाठ्यक्रम के साथ-साथ उन्हें स्वावलंबन और व्यावहारिक अनुभव के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इस वर्ष उन्होंने जापानी संस्कृति का प्रभावी प्रस्तुतिकरण किया है. विद्यार्थियों को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए. - प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया, संस्थापक अध्यक्ष, सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन