इजरायल और ईरान-अमेरिका के बीच शनिवार (28 फरवरी) युद्ध शुरू हाे गया.जिसका सीधा और तत्काल असर पुणे में सर्राफा बाजार में दिखा. युद्ध की स्थिति से शनिवार (28 फरवरी) दाेपहर के बाद साेने और चांदी की कीमताें में अचानक उछाल आया है.
ग्राहकाें के लिए आभूषण खरीदना संभव है, लेकिन साेने और चांदी की उपलब्धता न हाेने के कारण कई सर्राफा व्यापारियाें ने बुलियन (बिस्कुट/सिक्के) की बिक्री बंद कर दी है.सर्राफ एसाेसिएशन के अध्यक्ष फतेचंद रांका ने जानकारी दी है कि बुलियन के रूप में साेने की बुकिंग भी फिलहाल राेक दी गई है.उन्हाेंने आगे कहा कि युद्ध जैसी स्थिति के कारण सर्राफा बाजार के कुछ व्यापारियाें ने बुलियन साेने की बुकिंग बंद कर दी है, लेकिन आम ग्राहकाें काे इससे घबराने की जरूरत नहीं है.
रांका ने यह संभावना भी जताई है कि यदि युद्ध रुक जाता है, ताे कीमताें में फिर से गिरावट आ सकती है.रांका ने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच शुरू हुए युद्ध शुरू हाेने के कारण सर्राफा बाजार में कुछ जगहाें पर बुलियन साेना उपलब्ध नहीं है. इन धातुओं की कीमतें पिछले कुछ महीनाें से बहुत तेजी से बढ़ी थीं. लेकिन यह एक अस्थायी बुलबुला था. चांदी की कीमतें 4 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलाे से घटकर ढाई लाख रुपये तक नीचे आई वहीं साेने के दाम भी गिरे. मूल्य वृद्धि का यह जाे गुब्बारा बना है, यदि युद्ध रुक जाता है और चाराें ओर फैली यह अनिश्चितता समाप्त हाे जाती है, ताे हर देश साेना खरीदना बंद कर देगा.
यहां तक कि बैंक भी साेने की खरीदारी राेक देंगे. इसके बाद साेने की कीमतें नीचे गिर सकती हैं. इसीलिए ग्राहकाें काे पैनिक (घबराने) हाेने की आवश्यकता नहीं है.फतेचंद रांका ने कहा, ऐसी युद्धजन्य स्थिति में लाेगाें काे मवेट एंड वाॅचफ की भूमिका अपनानी चाहिए. युद्ध छिड़ने के कारण साेनेचांदी की आपूर्ति (सप्लाई) पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है. यदि अरब देशाें (यूएई, सऊदी अरब, कुवैत) से साेने की आपूर्ति रुक जाती है, ताे कीमतें और भी बढ़ सकती हैं.हालांकि, इस बारे में अभी तुरंत कुछ भी कहना मुश्किल है. साेमवार (2 मार्च) काे जब वैश्विक बाजार खुलेंगे, तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हाे पाएगी.