इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहराें पर हमला किया. इस हमले में ईरान के रक्षामंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवाेल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर माेहम्मद पकपूर की माैत हाे गई. इसके साथ ही इस हमले में 53 छात्राएं सहित 70 लाेगाें की माैत हाे गई.ईरान के सर्वाेच्च नेता खामेनेई के कार्यालय पर बमबारी हाेने से पलटवार करते हुए ईरान ने मिडिल-ईस्ट में कई शहराें में धमाके किए. ईरान ने कतर, यूएई के कई शहराें पर 400 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. दाेहा में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भी अटैक किया. ईरान-इजराइल ने अपने-अपने हवाई क्षेत्राें काे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प ने कहा-खामेनेई सरेंडर करें या मरने काे तैयार रहें. पलटवार करते हुए ईरान ने कहा- हम अमेरिका और इजराइल काे ऐतिहासिक सबक जरूर सिखाएंगे.
मिडिल-ईस्ट में तेज हाेते सैन्य टकराव से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. संयु्नत राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग तेज हुई. ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया,वहां के सर्वाेच्च नेता के कार्यालय के पास हमला हाेने से लाेग दहशत में आए, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प ने कहा-कार्रवाई का मकसद अमेरिका और उसके लाेगाें काे खतरे से बचाना है. इजराइल ने अपने देशवासियाें से कहा-सरकार के निर्देशाें का पालन करें सुरक्षित स्थानाें पर जाएं. अब तक तेहरान में जिन जगहाें पर हमले की खबर है, उनमें खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर खामेनेई का ऑफिस और ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन शामिल हैं. ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी.
उन्हाेंने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद अमेरिका और उसके लाेगाें काे खतरे से बचाना है. ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलाें काे तबाह करने और उसके मिसाइल प्राेग्राम काे खत्म करने की काेशिश कर रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी. अमेरिकी सेना पहले ही ईरान काे चाराें तरफ से घेर चुकी है.इससे पहले शुक्रवार काे अमेरिका ने अपने नागरिकाें से तुरंत इजराइल छाेड़ने के लिए कहा था. ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझाैते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्राेजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है. ईरान इस पर बिल्कुल भी समझाैता करने काे तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है.ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्राेग्राम रक्षा के लिए जरूरी है.
ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटाें पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलाें ने ही उसकी रक्षा की. ईरानी अधिकारियाें ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर काेई बात नहीं हाेगी. यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छाेड़ना मतलब खुद काे कमजाेर करना हाेगा. ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहाें पर नहीं. इजराइल के उत्तरी हिस्से में धमाकाें की आवाजें सुनी गई हैं. उस समय इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आई मिसाइलाें काे राेकने की काेशिश कर रहा था. इस हमले से हुए किसी भी नुकसान या हताहत के बारे में तत्काल काेई जानकारी नहीं मिली है. इजराइली सेना का कहना है कि ईरान से दागी गई मिसाइलाें काे इजराइल की ओर आते हुए देखा गया, जिसके चलते देश के कई इलाकाें में सायरन बजाए गए.
इसमें कहा गया है, जनता से अनुराेध है कि वे सरकार के निर्देशाें का पालन करें. इस समय, इजराइली वायु सेना खतराें काे राेकने और जहां आवश्यक हाे, उन पर हमला करने के लिए अभियान चला रही है ताकि खतरे काे समाप्त किया जा सके.ट्रम्प ने ईरानी सैनिकाें से सरेंडर करने काे कहा ः ट्रम्प ने इस्लामिक रिवाेल्यूशन गार्ड्स से कहा है कि वे आत्मसमर्पण कर दें. उन्हाेंने वादा किया कि ऐसा करने पर उन्हें पूरी माफी दी जाएगी.हालांकि अभी जाे कार्रवाई चल रही है, वह ज्यादातर हवाई हमलाें की है.जमीन पर ऐसी काेई स्थिति नहीं है, जहां वे जाकर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर सकें. ट्रम्प ने कहा है कि ईरान में अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन बहुत बड़ा है और अभी भी चल रहा है.