नवी मुंबई के खारघर में 28 फरवरी और 1 मार्च काे हिंद दी चादर कार्यक्रम हाे रहा है. इस माैके पर दमदमी टकसाल के मुख प्रधान संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने अपना संदेश साझा किया है और कार्यक्रम के बारे में बताया है.संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने बताया, हमारे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का बहुत बड़ा सहयाेग है. महाराष्ट्र में 29 सितंबर 2025 काे वाशी में एक बहुत बड़ा सिख पंथ का समागम था. 40-50 हजार की संख्या में संगत जुड़ी थी. तब श्री गुरु तेग बहादुर साहेब जी की 350वीं शहीदी गुरु पर्व की शताब्दी मनाने हेतु उन लाेगाें के साथ हमारी बात हुई्.ताे उन्हाेंने ये ऐलान किया था कि महाराष्ट्र में हमारी सरकार बनने के बाद हम गुरु तेग बहादुर साहेब जी की 350 साल की शहीदी बहुत बड़े स्तर पर मनाएंगे.
संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने बताया, 6 और 7 दिसंबर काे विदर्भ का जाे एरिया नागपुर है, वहां गुरु साहेब की शताब्दी के बड़े समागम हाेंगे. लाखाें की संख्या में लाेग गुरु का नाम लेंगे.संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने बताया, महाराष्ट्र में जाे हमारा मराठवाड़ा है, वह इस प्रांत का हृदय है. संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने बताया, 24 और 25 जनवरी काे तक्षश्री हुजूर साहेब की धरती पर 10 से 12 लाख की संगत आई्. गाेवा, गुजरात और राजस्थान के सीएम भी समागमाें में शिरकत करेंगे.संत ज्ञानी हरनाम सिंह जी ने बताया कि इतनी खुशी की लहर है कि 300 साल बाद हमें इतना सम्मान पहली बार दिया गया है. हमकाे साथ लेकर चलने का प्रयास हुआ ताे पहली बार हुआ है.