शिवाजीनगर, 18 मार्च (आ. प्र.) युद्ध जैसी स्थिति में व्यापारी- उद्यमियों का बहुत बड़ा नुकसान होता है. ऐसे नुकसान से उबरने या आने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए महाराष्ट्र में व्यापार कल्याण आयोग का गठन होना चाहिए. यह इसलिए भी जरूरी है कि ऐसी नई-नई समस्याएं आने वाले हर पांच से दस साल में व्यापारियों के सामने आने वाली है. अभी युद्ध की स्थिति तो अकल्पनीय थी, लेकिन आगे एआई का जमाना है, उसमें भी कुछ न कुछ नया होता रहेगा. ऐसे में व्यापारियों को ठीक समय पर सहायता मिलना और उन्हें खुद को अपडेट रखना जरुरी बन गया है, ऐसे विचार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने रखे हैं. अंतरराष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन के युवा इकाई के महाराष्ट्र के अध्यक्ष और अग्रवाल फेडरेशन के पुणे के सहसचिव के रुप में कार्यरत नितीन अग्रवाल कई वर्षों से अपने उद्योग तथा सामाजिक कार्यों से समाज में परिचित हैं. उन्होंने युद्ध की परिस्थिति में व्यापारियों के सामने उत्पन्न हो रही परिस्थितियां और उससे बाहर निकलने के मुद्दे पर मंथन किया है. नितीन अग्रवाल कहते हैं कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण, कच्चे माल की, तेल की कीमतें बढ़ सकती है. क्योंकि इसमें इरान तेल सप्लाय का सबसे बडा देश है. भारत की दृष्टि से इससे बिजली और परिवहन पर बुरा असर होगा. साथ ही कोकिंग कोल, भी आयात किया जाता है, जिसकी कीमतें बढ़ने से अन्य व्यवसायों पर भी असर होगा. ऐसी स्थिति में हमारा जो स्टील का निर्यात है वो डिस्टर्ब हो जायेगा क्योंकि मिडिल ईस्ट का जो पूरा एरिया है वो हमारे यहां से सप्लाई ले रहा था. वो सप्लाय चेन पूरी डिस्टर्ब हो चुकी है. साथ ही युध्द की वजह से वैेिशक मांग - जो माल युरोप और अमेरिका जाता था, वहां के रास्ते बंद होने की वजह से काफी गिरावट आई है. फिलहाल, प्रोडक्शन कॉस्ट बढ गई है. स्टॉक लॉस, इन्वेंटरी लॉस बढ गया है. कीमतें तो स्थिर है, लेकिन बाजार में बिक्री का दबाव है. एक्सेस प्रोडक्शन लेस दैन सेल ऐसी हालत हो रही है.
सरकार को जरुरी कदम उठाने पड़ेंगे युध्द से कभी किसका भला नहीं हुआ है. जीत किसी की भी हो लेकिन युध्द से हमेशा सबका नुकसान ही हुआ है. खासकर युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ती है, महंगाई बढ़ती है. इसलिए सरकार को इसमें कुछ ना कुछ जरुरी कदम उठाने पडेंगे, जिसमें टैक्स, ब्याज के दरों में राहत देने की जरुरत है. खासकर, जो बिझनेस करते है और निर्यात करते हैं उनको राहत देने की दृष्टि से सारी प्रक्रिया सुविधाजनक होनी चाहिए. - नितिन अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच