जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए रणजी ट्राॅफी का खिताब अपने नाम कर लिया है.जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ यह मुकाबला पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपने नाम किया. जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनाें की बढ़त हासिल की थी. पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 4 विकेट पर 342 रन बनाए और उसकी कुल बढ़त 633 रनाें की हाे गई थी. जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डाेगरा ने पारी घाेषित करने का फैसला किया. इसके बाद दाेनाें टीमाें के कप्तान दिन का खेल समाप्त करने पर सहमत हुए और मैच ड्राॅ रहा. इस तरह जम्मू-कश्मीर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली.
इविकेट के लिए तरसे कर्नाटक के गेंदबाज जम्मू-कश्मीर ने पांचवें दिन दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई. पांचवें दिन कर्नाटक के गेंदबाज विकेट के लिए तरस गए. जम्मू-कश्मीर के लिए इकबाल और साहिल ने माेर्चा संभाला और कर्नाटक के गेंदबाजाें काे जमकर परेशान किया. पहला सत्र पूरी तरह इकबाल और साहिल के नाम रहा. इकबाल ने पहले शतक पूरा किया और फिर साहिल भी पीछे नहीं रहे. दाेनाें बल्लेबाजाें ने लंच ब्रेक तक कर्नाटक काे एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी.स्थिति इतनी खराब रही कि कर्नाटक के गेंदबाज पांचवें दिन का खेल समाप्त हाेने तक इस साझेदारी काे नहीं ताेड़ सके और मैच अंत में ड्राॅ रहा.
कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा काे दाे विकेट मिले, जबकि विजयकुमार विशाक और श्रेयस गाेपालकाे एक-एक सफलता मिली.
जम्मू-कश्मीर के पहली पारी के 584 रनाें के जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रनाें पर सिमट गई. जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की बढ़त हासिल करने के बावजूद फाॅलाेऑन नहीं देने का फैसला किया था. अगर आज दिन के खेल की समाप्ति तक मैच का नतीजा नहीं निकल पाता है ताे जम्मूकश्मीर पहली पारी में बढ़त के आधार पर यह मुकाबला अपने नाम कर लेगा.इस तरह टीम पहली बार रणजी ट्राॅफी का खिताब जीत सकती है.