बदलापुर में फीमेल स्पर्म स्मगलिंग रैकेट का कनेक्शन अब नासिक तक पहुंच गया है. इस मामले की जांच में अब नासिक के एक आईवीएफ सेंटर का नाम सामने आया है. इससे हड़कंप मच गया है. नासिक मनपा के हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस सेंटर के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है.बदलापुर की एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग से चल रहे इस रैकेट का खुलासा एक पीड़ित महिला की शिकायत के बाद हुआ. इस जांच के दाैरान नासिक के सेंटर से जुड़े कुछ संदिग्ध डाॅक्यूमेंट्स और सर्टिफिकेट पुलिस के हाथ लगे हैं. इस पर तुरंत ध्यान देते हुए नासिक डिपार्टमेंट के हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं. इसके अनुसार, असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर डाॅ.जितेंद्र धनेश्वर की लीडरशिप में एक टीम ने सेंटर का इंस्पेक्शन किया है और जरूरी डाॅक्यूमेंट्स जब्त किए हैं.
हालांकि कानून के मुताबिक फीमेल स्पर्म डाेनेशन की एक लिमिट है,लेकिन एक ही महिला के कई फर्जी आधार कार्ड और एफिडेविट भी तैयार किए जा रहे थे.
यह भी बताया गया है कि पैसे की तंगी से जूझ रही महिलाओं काे 25,000 से 30,000 रुपये का लालच देकर उनके शरीर से 30 बार तक स्पर्म निकलवाए गए हैं. शक है कि इन महिलाओं से सस्ते दाम पर लिए गए स्पर्म काे मुंबई के बड़े हाॅस्पिटलाेें काे लाखाें रुपये में बेचा गया.नासिक मनपा ने संबंधित सेंटर काे एक एडमिनिस्ट्रेटिव नाेटिस जारी कर बदलापुर मामले से उसके कनेक्शन के बारे में लिखित में जवाब मांगा है.डर है कि इस पूरे रैकेट में 300 से ज़्यादा महिलाओं का शाेषण हुआ है.एडमिनिस्ट्रेशन ने यह भी संकेत दिया है कि जांच के आखिरी नतीजाें के आधार पर सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.नासिक मनपा के असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर डाॅ.जीतेंद्र धनेश्वर ने कहा, हम अब बदलापुर रेड में नासिक सेंटर से मिले सर्टिफिकेट की जांच कर रहे हैं, और हमने एक कैंपेन भी शुरू किया है.इसमें ज़ब्त किए गए डाॅक्यूमेंट्स की पूरी जांच भी चल रही है. अगर काेई दाेषी पाया गया, ताे किसी काे बख्शा नहीं जाएगा.