भगवान वल्लभेश के महामिलन का उत्सव यानी वल्लभेश मंगलम. इसी पावन अवसर पर शुभ मंगल सावधान के मंगल स्वर, अक्षता और फूलाें की वर्षा, ब्राह्मणाें द्वारा मंत्राेच्चार और ‘माेरया... माेरया’ के जयघाेष के बीच चैत्र शुद्ध द्वितीया के मुहूर्त पर शुक्रवार (20 मार्च) सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर श्री गणेश और देवी वल्लभा का विवाह समाराेह ‘दगडूसेठ गणपति मंदिर’ में बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ.इस अलाैकिक समाराेह का अनुभव करने के लिए पुणेवासियाें की भारी भीड़ उमड़ी. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से भगवान श्री गणेश और देवी वल्लभा के विवाह समाराेह का आयाेजन मंदिर में किया गया था. इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, काेषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.वेदमूर्ति मिलिंद राहुरकर गुरुजी ने विवाह समाराेह का पाैराेहित्य (संचालन) किया. श्री गणेश और देवी वल्लभा की मूर्तियाें काे सभामंडप में रखकर सभी पारंपरिक विधियां पूर्ण की गईं. सभामंडप काे रंग-बिरंगे फूलाें से सजाकर आकर्षक विवाह मंडप का स्वरूप दिया गया था.