राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक माेहन भागवत ने मिडिलईस्ट में युद्ध और दुनिया में बढ़ते तनाव काे लेकर बयान दिया है. नागपुर में एक कार्यक्रम के दाैरान उन्हाेंने कहा कि आखिर क्याें दुनिया में शांति नहीं हाे पा रही है.भागवत ने स्वार्थ और दूसराें पर काबू पाने की इच्छा काे इन विवादाें की जड़ बताया.उन्हाेंने कहा कि जब तक लाेग अपनी साेच नहीं बदलेंगे, तब तक शांति संभव नहीं है.भारत के प्राचीन ज्ञान काे उन्हाेंने दुनिया की समस्याओं का समाधान बताया. यही कारण है कि पूरी दुनिया से यह आवाज उठ रही है कि भारत ही ईरान-इजराइल युद्ध काे खत्म करने में मदद कर सकता है.
उनका कहना है कि पूरी दुनिया काे एक परिवार की तरह देखना ही सुख का रास्ता है.संघ प्रमुख शुक्रवार काे नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के नए कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम में बाेल रहे थे. उन्हाेंने कहा कि पिछले दाे हजार वर्षाें से दुनिया में शांति के लिए कई प्रयाेग किए गए, लेकिन इनमें से काेई भी पूरी तरह सफल नहीं हुआ. आज भी धार्मिक कट्टरता और जबरन धर्म परिवर्तन जैसी समस्याएं माैजूद हैं. लाेग खुद काे दूसराें से बड़ा और दूसराें काे छाेटा समझते हैं. यही वजह है कि दुनिया में लगातार संघर्ष और विवाद बने हुए हैं. भागवत ने कहा कि भारत का प्राचीन ज्ञान सिखाता है कि हम सब एक हैं और आपस में जुड़े हुए हैं. दुनिया काे अब टकराव छाेड़कर तालमेल और सहयाेग की तरफ बढ़ना चाहिए.